शिवपुरी। जैन समाज के निरंतर संघर्ष, सशक्त दस्तावेजों और एकजुट आंदोलन के परिणामस्वरूप आखिरकार ऐतिहासिक न्याय का क्षण आया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने पूरे प्रकरण में संवेदनशीलता दिखाते हुए समाज की भावनाओं का सम्मान किया। इसके फलस्वरूप 20 मार्च 2023 का वह ऐतिहासिक दिन आया, जब विधि-विधान के साथ प्राचीन खड़गासन प्रतिमा जैन समाज को सौंप दी गई।
संवत 1220 (12वीं–13वीं शताब्दी) की यह दुर्लभ प्रतिमा उड़ीसा के कुशल कारीगरों द्वारा जीर्णोद्धारित की गई। चंद्रप्रभु जिनालय ट्रस्ट जैन समाज के अध्यक्ष सूरज जैन के अनुसार, प्राचीन काल में प्रतिमा की आंखें बंद थीं, जिन्हें अब विशेष मूर्तिकारों ने अत्यंत सूक्ष्मता और कला कौशल से खोलकर प्रतिमा को नया एवं अलौकिक स्वरूप प्रदान किया है।
वर्तमान में यह प्राचीन वैभव चंद्रप्रभु जिनालय की शोभा बढ़ा रहा है। आगामी 5 से 8 फरवरी तक आयोजित होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव में इस प्रतिमा की पूर्ण विधि-विधान से प्रतिष्ठा की जाएगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि शिवपुरी के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
