चंदेरी,(अशोकनगर)- मध्य प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार आज चंदेरी में विशेष यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक अशोकनगर के मार्गदर्शन में चंदेरी पुलिस द्वारा बस स्टैंड परिसर में ‘राहवीर योजना’ और यातायात नियमों के प्रति नागरिकों को जागरूक किया गया।
घायलों की मदद करने पर मिलेगा इनाम-
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने शासन की ‘राहवीर योजना’ की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाकर उसकी जान बचाने वाले मददगार व्यक्ति (राहवीर) को पुरस्कृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य दुर्घटना के समय ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल को उपचार दिलाना है।
यातायात नियमों के पालन की दी गई समझाइश-
पुलिस टीम ने बस चालकों, कंडक्टरों, ऑटो-रिक्शा और लोडिंग वाहन चालकों सहित राहगीरों को सड़क सुरक्षा के कड़े नियम समझाए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:-
दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का प्रयोग करें।
चार पहिया वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट लगाएं।
वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें और नशे की हालत में ड्राइविंग न करें।
निर्धारित गति सीमा का पालन करें और नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें।
एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को हमेशा पहले रास्ता दें।
जागरूकता अभियान के अंत में उपस्थित सभी वाहन चालकों और नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
जागरूकता अभियान को सफल बनाने में उप-निरीक्षक (उनि) कदम सिंह मीणा, उनि अवधेश गोड, सहायक उप-निरीक्षक (सउनि) तुलसीराम दौहरे, प्रधान आरक्षक प्रदीप शर्मा, प्रधान आरक्षक सत्यनारायण शर्मा, आरक्षक सतीश वर्मा और आरक्षक आनंद राजपूत का विशेष योगदान रहा।
चंदेरी, (अशोकनगर )|
मध्य प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार आज चंदेरी में विशेष यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक अशोकनगर के मार्गदर्शन में चंदेरी पुलिस द्वारा बस स्टैंड परिसर में ‘राहवीर योजना’ और यातायात नियमों के प्रति नागरिकों को जागरूक किया गया।
घायलों की मदद करने पर मिलेगा इनाम-
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने शासन की ‘राहवीर योजना’ की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाकर उसकी जान बचाने वाले मददगार व्यक्ति (राहवीर) को पुरस्कृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य दुर्घटना के समय ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल को उपचार दिलाना है।
यातायात नियमों के पालन की दी गई समझाइश-
पुलिस टीम ने बस चालकों, कंडक्टरों, ऑटो-रिक्शा और लोडिंग वाहन चालकों सहित राहगीरों को सड़क सुरक्षा के कड़े नियम समझाए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:-
दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का प्रयोग करें।
चार पहिया वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट लगाएं।
वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें और नशे की हालत में ड्राइविंग न करें।
निर्धारित गति सीमा का पालन करें और नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें।
एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को हमेशा पहले रास्ता दें।
जागरूकता अभियान के अंत में उपस्थित सभी वाहन चालकों और नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
जागरूकता अभियान को सफल बनाने में उप-निरीक्षक (उनि) कदम सिंह मीणा, उनि अवधेश गोड, सहायक उप-निरीक्षक (सउनि) तुलसीराम दौहरे, प्रधान आरक्षक प्रदीप शर्मा, प्रधान आरक्षक सत्यनारायण शर्मा, आरक्षक सतीश वर्मा और आरक्षक आनंद राजपूत का विशेष योगदान रहा।
