करैरा(शिवपुरी)– दीपावली के पावन पर्व पर करैरा स्थित बाबा का बाग बगीचा सरकार मंदिर पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर रंग-बिरंगी रोशनी और 21 हजार दीपों की जगमगाती आभा से नहा उठा। दीयों की रोशनी ने मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगा दिए, जिसने भक्तों का मन मोह लिया।
सजावट और रोशनी का अद्भुत संगम-
दीपोत्सव की तैयारियां कई दिन पहले से ही शुरू हो गई थीं। मंदिर को फूलों, रंगीन झालरों और दीयों से सजाया गया। शाम होते ही जैसे ही भक्तों द्वारा विभिन्न प्रकार की रंगोलियां बनाकर उन पर एक-एक कर दीये प्रज्ज्वलित गए जिससे पूरा मंदिर परिसर रोशन हो उठा। मंदिर का हर कोना दीयों की रोशनी से जगमगा रहा था, जिससे एक अलौकिक और आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण हुआ। भक्तों के लिए यह दृश्य किसी मनमोहक नजारे से कम नहीं था।
भक्तों की भीड़ और उत्साह-
इस भव्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। हर उम्र के लोग इस दीपोत्सव का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने इस पर्व का आनंद लिया। भक्तों ने बाबा का आशीर्वाद लिया और दीपोत्सव की सुंदर छटा को निहारा। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन संगीत का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
दीपावली का संदेश-
बगीचा सरकार मंदिर पर आयोजित इस दीपोत्सव ने यह संदेश दिया कि जिस प्रकार दीया अपने प्रकाश से अंधकार को दूर करता है, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन से अज्ञानता और नकारात्मकता को दूर कर ज्ञान और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाना चाहिए। यह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि सामाजिक सद्भाव और एकता का भी प्रतीक था।
स्थानीय प्रशासन का सहयोग-
इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन और पुलिस का भी सहयोग रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजामकिए गए थे ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और कोई अप्रिय घटना न हो। लोगों ने भी अनुशासन का परिचय दिया, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
दीपोत्सव का समापन आरती के साथ हुआ, जिसके बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। सभी लोग इस यादगार और भव्य आयोजन की सुंदर स्मृतियां लेकर अपने घरों को लौटे। यह दीपोत्सव एक बार फिर साबित करता है कि धार्मिक उत्सव किस तरह लोगों को एक साथ लाते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
