करैरा (शिवपुरी):-बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की एकाग्रता और शांति को ध्यान में रखते हुए, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) इकाई करैरा के अध्यक्ष ब्रजमोहन प्रजापति और विहिप के जिला सहसंयोजक नचिकेता तिवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन करैरा SDM अनुराग निंगवाल को सौंपा। परिषद ने नगर के मध्य तहसील कार्यालय के सामने रिहायशी इलाके में लग रहे मेले को तत्काल हटाने और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग की है।
विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप-
SDM को सौंपे गए ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि वर्तमान में नगर के घनी आबादी वाले क्षेत्र ‘कोमल वाटिका’ (तहसील कार्यालय के सामने) में मेले का आयोजन किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं अत्यंत निकट हैं। ऐसे में मेले में देर रात तक बजने वाले ऊंचे स्वर के लाउडस्पीकरों और बड़े झूलों के शोर के कारण छात्रों को पढ़ाई करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
बिना किसी ऐतिहासिक महत्व के दोबारा आयोजन पर सवाल-
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस मेले का कोई धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व नहीं है। इसी वर्ष जून-जुलाई माह में भी इसी स्थान पर मेला लगा था, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी हुई थी। रिहायशी क्षेत्र में इस तरह के आयोजनों से न केवल छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि बुजुर्गों और मरीजों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
परिषद की मुख्य मांगें:-
मेले का स्थानांतरण: मेले को तत्काल रिहायशी क्षेत्र से हटाकर शहर के बाहर किसी खुले स्थान पर भेजा जाए।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर रोक:-
छात्र हित को देखते हुए परीक्षाओं के समापन तक नगर में लाउडस्पीकरों के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए।
परिषद के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए त्वरित निर्णय नहीं लिया गया, तो छात्र हितों की रक्षा के लिए आगामी कदम उठाए जाएंगे।
