दफ्तर से निकले और फिर कभी नहीं लौटे जानकारी के अनुसार लाला लाजपत राय कॉलोनी निवासी अभिनाष जैन और उनकी पत्नी रोली जैन दोनों ही मैदा मील स्थित एसबीआई की एक ही शाखा में कार्यरत थे। मंगलवार की सुबह दोनों हमेशा की तरह साथ में घर से दफ्तर के लिए निकले थे लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। ऑफिस पहुंचने के बाद पति-पत्नी के बीच किसी गंभीर विषय पर बहस हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक विवाद के बाद अभिनाष मानसिक रूप से काफी विचलित हो गए और अचानक बैंक से बाहर निकल गए।
व्हाट्सएप पर अंतिम विदाई: अब कभी वापस नहीं आऊंगा बैंक से निकलने के कुछ ही समय बाद अभिनाष ने अपने पिता भाई और पत्नी को व्हाट्सएप पर एक भावुक संदेश भेजा। इस संदेश को सुसाइड नोट के रूप में देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि वे अब कभी वापस नहीं लौटेंगे और अपने इस कठोर फैसले के लिए वे किसी और को नहीं बल्कि स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं। संदेश भेजने के तुरंत बाद उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। घबराए हुए परिजनों ने तत्काल एमपी नगर पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की।
चेतक ब्रिज के पास मिला क्षत-विक्षत शव पुलिस और परिजन जब शहर के विभिन्न कोनों में अभिनाष की तलाश कर रहे थे तभी चेतक ब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर लोगों की भारी भीड़ जमा होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे मृतक के साले ने कपड़ों और हुलिए से अभिनाष की पहचान की। ट्रेन की चपेट में आने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। सूचना मिलते ही एमपी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल रवाना किया।
जांच के घेरे में वो आखिरी विवाद पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। एएसआई अनूप के अनुसार प्राथमिक तौर पर यह मामला आत्महत्या का ही है लेकिन पुलिस उस विवाद की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो बैंक परिसर में पति-पत्नी के बीच हुआ था। क्या तनाव केवल उस क्षण का था या लंबे समय से कोई पारिवारिक कलह चल रही थी पुलिस इन सभी बिंदुओं पर परिजनों के बयान दर्ज करेगी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।यह दुखद घटना समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और छोटी-छोटी बातों पर उपजे विवादों के भयावह परिणाम की याद दिलाती है। एक सुरक्षित भविष्य और प्रतिष्ठित नौकरी होने के बावजूद क्षणिक आवेश ने एक युवा जीवन का अंत कर दिया।
