3 जनवरी को उन्होंने विदर्भ के खिलाफ जो किया वह किसी की भी कल्पना से परे था। महज 68 गेंदों पर शतक जड़ते हुए हार्दिक ने 11 छक्के और 8 चौके लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 144.56 था जो उनकी बल्लेबाजी की आक्रामकता को साबित करता है। इस पारी के दौरान उन्होंने विदर्भ के गेंदबाजों पर हावी होते हुए टीम को 200 रन के आंकड़े तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की।
इसके बाद 8 जनवरी को जब वह चंडीगढ़ के खिलाफ मैदान में उतरे, तो उन्होंने फिर से अपनी धाक जमाई। इस बार उन्होंने 19 गेंदों में 50 रन बनाकर खेल में तेजी लाई। हार्दिक ने 31 गेंदों पर 9 छक्के और 2 चौके लगाए, और कुल मिलाकर 75 रन की विस्फोटक पारी खेली। हालांकि वह इस बार शतक पूरा नहीं कर पाए, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए छक्कों और चौकों ने दर्शकों को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर दिया।
हार्दिक पांड्या ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अपने इन दो मैचों में कुल 208 रन बनाए हैं। उनका औसत 104 और स्ट्राइक रेट 169.10 का रहा है। इन दो मैचों में उन्होंने कुल 20 छक्के और 10 चौके लगाए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि हार्दिक इस समय अपने खेल के शिखर पर हैं और आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उनका लक्ष्य गेंदबाजों पर दहशत बनाना है। उनका यह शानदार फॉर्म एक तरह से संकेत दे रहा है कि वह इस बार पूरी तरह से आक्रामक बल्लेबाजी के साथ मैदान पर उतरने वाले हैं। हार्दिक का ये तूफानी प्रदर्शन न सिर्फ उनके लिए बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी शानदार संकेत है। आगामी वर्ल्ड कप के लिए उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का यह रूप निश्चित ही भारत के लिए फायदेमंद साबित होगा।
