यूरो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने के भीतर सोशल मीडिया कंपनियों ने लगभग 50 लाख नाबालिग अकाउंट हटा दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेट रेगुलेटर ने बताया कि कानून के पालन के लिए 4.7 मिलियन अकाउंट्स हटाए गए हैं।
ई-सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने कहा कि यह शुरुआती संकेत हैं कि बड़े प्लेटफॉर्म 16 साल से कम उम्र के लोगों को अकाउंट रखने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “मैं इन शुरुआती नतीजों से बहुत खुश हूं। डिजिटल सुरक्षा की रेगुलेटरी गाइडेंस और प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ाव पहले से ही अच्छे नतीजे दे रहा है।”
इस कानून का उल्लंघन करने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है। इनमैन ग्रांट ने माना कि कुछ बच्चे सोशल मीडिया पर बने रहने के लिए क्रिएटिव तरीके निकाल सकते हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल सुरक्षा नियमों का पालन समाज में सुरक्षा और सांस्कृतिक मानदंडों को दोबारा स्थापित करने के लिए जरूरी है।
डेनमार्क जैसे नॉर्डिक देश भी ऐसे ही कानूनों पर नजर रख रहे हैं। नवंबर में उन्होंने घोषणा की कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस ब्लॉक किया जाएगा, जिसे 2026 के मध्य तक कानून का रूप दिया जा सकता है। नॉर्डिक देश उत्तरी यूरोप के पांच संप्रभु राष्ट्रों—डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, आइसलैंड—और उनके स्वायत्त क्षेत्रों का समूह है।
इस तरह ऑस्ट्रेलिया और नॉर्डिक देशों के कदम यह दिखाते हैं कि डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकारें अब कड़े नियम लागू कर रही हैं और तकनीकी प्लेटफॉर्म को जवाबदेह बना रही हैं।
