कीवी टीम के लिए इतिहास बदलने का मौका
इतिहास बताता है कि भारत की सरजमीं न्यूजीलैंड के लिए हमेशा कठिन रही है। भारत में अब तक खेली गई सात द्विपक्षीय वनडे सीरीज में कीवी टीम ने एक भी जीत नहीं दर्ज की। कुल मिलाकर भारत में खेले गए 41 वनडे मुकाबलों में से न्यूजीलैंड सिर्फ नौ में सफल रहा है। ऐसे में यह मुकाबला मेहमान टीम के लिए इतिहास बदलने का दुर्लभ अवसर होगा।
बल्लेबाज़ी और ओवर की रणनीति पर नजर
हालिया आंकड़े बताते हैं कि न्यूजीलैंड का बल्लेबाज़ी प्रदर्शन स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ शानदार रहा है। बीच के ओवरों में रन दर उच्च और डॉट बॉल प्रतिशत न्यूनतम रहने से भारतीय स्पिन आक्रमण को कड़ी चुनौती मिल सकती है।
वहीं भारत के लिए अंतिम ओवर चिंता का विषय है। पिछले विश्व कप से लेकर अब तक अंतिम दस ओवरों में टीम की रन गति अपेक्षा के अनुसार नहीं रही है। हालांकि, टॉप ऑर्डर की आक्रामक शुरुआत और बीच के ओवरों में मजबूत प्रदर्शन टीम को संतुलन देता रहा है।
व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर सभी की नजर
विराट कोहली ने हाल की सीरीज में अपनी बल्लेबाजी की रणनीति बदलते हुए शुरुआत से रन गति तेज की है। शुभमन गिल सिर्फ 70 रन दूर हैं अपने वनडे करियर में 3000 रन पूरे करने से। यदि वह अगले छह मैचों में यह आंकड़ा पूरा कर लेते हैं, तो दुनिया के सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले खिलाड़ियों में दूसरा स्थान हासिल करेंगे।
न्यूज़ीलैंड के डैरिल मिचेल भी तेजी से रिकॉर्ड की दौड़ में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अब तक 53 पारियों में 2553 रन बनाए हैं और शुभमन गिल तथा हाशिम अमला के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।
रविंद्र जडेजा घरेलू मैदान पर बड़ी पारी की तलाश में हैं। उन्होंने भारत में वनडे में अब तक सिर्फ दो बार 50+ रन बनाए हैं, और आखिरी बार ऐसा दस साल से भी पहले हुआ था।
तीसरा वनडे न केवल टीम के लिए बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी रोमांचक होने वाला है। फैंस को विराट, गिल और जडेजा से बड़ी पारियों की उम्मीद है।
