बेटी का आग्रह और आमिर का अनुभव
आमिर ने बताया कि इस मैराथन में शामिल होने का सुझाव उनकी बेटी इरा खान ने दिया था। आमिर ने कहा, “शुरुआत में मुझे लगा कि चुनौती बड़ी होगी, लेकिन अब महसूस हो रहा है कि यह फैसला बिल्कुल सही था। यह अनुभव न केवल शरीर के लिए बल्कि मानसिक तौर पर भी बहुत प्रेरणादायक है।”
फिटनेस मंत्र: डाइट, नींद और वर्कआउट
आमिर खान ने फिटनेस को लेकर खुलकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “फिटनेस का सबसे पहला और सबसे अहम नियम डाइट है। इंसान वही होता है जो वह खाता है। इसके बाद सबसे जरूरी है नींद। रोजाना 8 घंटे की नींद से ही शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं। तीसरे नंबर पर आता है वर्कआउट, लेकिन सही डाइट और नींद के बिना सिर्फ एक्सरसाइज से फिट नहीं रहा जा सकता।”
इरा खान की मानसिक स्वास्थ्य पहल
आमिर की बेटी इरा खान भी इस मैराथन में शामिल हुईं। इरा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि फिटनेस केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक सेहत से यह गहराई से जुड़ी है। उनके अनुसार, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
किरण राव का नजरिया: मैराथन सबको जोड़ता है
फिल्ममेकर किरण राव ने इस मैराथन को समान मंच बताया। उन्होंने कहा, “इस मैराथन की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसमें प्रोफेशनल रनर से लेकर पहली बार भाग लेने वाले लोग, दिव्यांग और सीनियर सिटीजन सब एक साथ नजर आते हैं। यह एक ऐसा आयोजन है जो हर वर्ग के लोगों को जोड़ता है और फिटनेस के महत्व को दर्शाता है।”
मैराथन ने आमिर खान और उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य, प्रेरणा और एकजुटता का संदेश दिया।
