नई दिल्ली। आज के समय में निवेश के लिए लोगों के पास तीन बड़े रास्ते हैंFD, EMI और SIP। FD को सुरक्षित माना जाता है, EMI से लोग अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, जबकि SIP धीरे-धीरे पैसा बढ़ाने का काम करता है। लेकिन सवाल यह है कि 20 साल बाद कौन आपको अमीर बना सकता है? अगर आप आज अपनी कमाई का एक हिस्सा इन तीनों में से किसी भी रास्ते पर लगाते हैं, तो 20 साल बाद आपकी स्थिति कैसी होगी?
चलिए एक आसान कैलकुलेशन के जरिए समझते हैं कि FD की सीमा क्या है, EMI का नुकसान कितना भारी है और SIP की कंपाउंडिंग पावर कितनी मजबूत है।
सबसे पहले FD की बात करें। FD को भारत में भरोसे और सुरक्षा का दूसरा नाम माना जाता है। 20 साल बाद आपका फंड लगभग ₹52 लाख तक पहुंच सकता है। लेकिन अगर आप महंगाई को भी ध्यान में रखें, तो 20 साल बाद उस पैसे की असली वैल्यू लगभग ₹15-20 लाख के आसपास ही रह सकती है।
इसका मतलब FD आपके पैसे को बचाती है, लेकिन महंगाई के हिसाब से बढ़ा नहीं पाती। FD में रिटर्न कम होने के कारण आपका पैसा “सुरक्षित” जरूर रहता है, लेकिन वह अमीर नहीं बनाता।
अब EMI की बात करें। EMI आमतौर पर लोगों को तुरंत सुख देती है, लेकिन लंबे समय में यह आपके लिए भारी पड़ सकती है। जब आप किसी पर्सनल लोन या लग्जरी कार के लिए 20 साल तक ₹10,000 EMI भरते हैं, तो आप कुल मिलाकर लगभग ₹24 लाख तो दे ही देते हैं, साथ ही बैंक को ब्याज में लगभग ₹15-20 लाख अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। 20 साल बाद आपके पास केवल एक पुरानी चीज बचती है जिसकी वैल्यू काफी कम हो चुकी होती है।
EMI असल में आपकी फ्यूचर की कमाई को आज ही खर्च कर देती है और आपके लिए एक लंबा ब्याज का बोझ छोड़ जाती है। इसलिए EMI आपको अमीर नहीं बनाती, बल्कि बैंक को अमीर बनाती है।
तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण विकल्प SIP है। SIP में आप छोटे-छोटे निवेश करते हैं और कंपाउंडिंग की ताकत से लंबे समय में बड़ा फंड बनाते हैं। अगर आप हर महीने ₹10,000 की SIP करते हैं और औसतन 12% रिटर्न मानें, तो 20 साल बाद आपका निवेश लगभग ₹24 लाख होकर करीब ₹1 करोड़ से ज्यादा बन सकता है। और अगर रिटर्न 15% रहे तो यह राशि ₹1.5 करोड़ तक भी पहुंच सकती है।
SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बाजार के उतार-चढ़ाव को अपने पक्ष में इस्तेमाल करता है। शुरुआती सालों में मार्केट गिरती है तो units ज्यादा मिलते हैं, और बाद में जब मार्केट बढ़ता है तो वही units ज्यादा लाभ देती हैं।
अब 20 साल की जंग में किसका पलड़ा भारी है? FD सुरक्षित है, लेकिन महंगाई के हिसाब से अमीर नहीं बनाती। EMI आपको तुरंत सुविधा देती है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपकी कमाई को खा जाती है और ब्याज के बोझ से आपकी संपत्ति घटती है।
वहीं SIP में जोखिम जरूर है, लेकिन लंबे समय में यह कंपाउंडिंग के जरिए सबसे ज्यादा फायदा देता है। अगर आपका लक्ष्य 20 साल में “वेल्थ” बनाना है और आप निवेश को समय के साथ बढ़ते देखना चाहते हैं, तो SIP सबसे बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
(नोट: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)