आय सीमा में बढ़ोतरी, अब 1.20 लाख वाले भी पात्र मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली में राशन कार्ड के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के दायरे को बढ़ाना है ताकि बढ़ती महंगाई के बीच मध्यम-निम्न आय वर्ग के अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त या सस्ता अनाज मिल सके। सत्यापन में खुली पोल: 8.27 लाख लाभार्थी सूची से बाहर सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा डेटा की गहन जांच और फिजिकल वेरिफिकेशन कराया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच के बाद कुल 8,27,756 स्थान रिक्त हुए हैं।
6.46 लाख लोगों की आय मानकों से अधिक पाई गई।
23,394 लाभार्थियों के नाम दोहराव में दर्ज थे। 6,185 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाया जा रहा था। 95,682 लोग लंबे समय से राशन नहीं ले रहे थे, जिनमें से 56 हजार से अधिक ने खुद को सिस्टम से बाहर करने का अनुरोध किया। पहले आओ-पहले पाओ सिस्टम खत्म, अब DM करेंगे फैसला सरकार ने राशन कार्ड जारी करने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। अब प्राथमिकता जिला स्तर पर गठित कमेटियों द्वारा तय की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट या अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली यह समिति स्थानीय विधायकों और अधिकारियों के साथ मिलकर आवेदनों की जांच करेगी। साथ ही, भविष्य की रिक्तियों को भरने के लिए 20 प्रतिशत की एक वेटिंग लिस्ट भी तैयार रखी जाएगी।
कौन होगा अपात्र? कड़े किए गए नियम मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब राशन कार्ड बनवाने के लिए राजस्व विभाग का आय प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। निम्नलिखित श्रेणियों को अपात्र माना जाएगा दिल्ली की ए से ई श्रेणी की पॉश कॉलोनियों में संपत्ति रखने वाले। आयकर दाता । चारपहिया वाहन मालिक व्यावसायिक वाहन को छोड़कर । सरकारी कर्मचारी के परिवार। किलोवाट से अधिक बिजली कनेक्शन वाले घर। विपक्ष का हमला: कांग्रेस ने बताया जटिल प्रक्रिया सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को जानबूझकर जटिल बना रही है। उन्होंने मांग की कि यह सुविधा हर विधानसभा क्षेत्र में सुलभ होनी चाहिए ताकि गरीबों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। वर्तमान में दिल्ली में करीब 11.65 लाख लोग राशन कार्ड मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिनके लिए रिक्त हुए ये 8 लाख स्थान बड़ी राहत साबित हो सकते हैं।
