करैरा(शिवपुरी)-जिले के करैरा वन विभाग द्वारा हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी ‘अनुभूति कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को जंगल, वन्य जीवों और प्रकृति के करीब लाने का प्रयास किया गया।
वन विभाग की इस पहल में सीएम राइज स्कूल करैरा और शासकीय हाई स्कूल मुंगावली के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वन अधिकारियों ने बच्चों को जंगल का भ्रमण कराया और उन्हें वन्य प्राणियों के व्यवहार व पेड़-पौधों की विभिन्न प्रजातियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाते हुए बताया गया कि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वनों का होना क्यों आवश्यक है।
ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण-
भ्रमण के दौरान बच्चों को प्राचीन व प्रसिद्ध स्थल कुण्डलपुर ले जाया गया। यहाँ बच्चों को इस स्थान की पौराणिक महत्ता बताते हुए जानकारी दी गई कि प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने यहीं से माता रुक्मिणी का हरण किया था। इसके साथ ही बच्चों ने सिंध नदी पर स्थित भरका झरना और केरखो झरने का आनंद लिया। विभाग के कर्मचारियों ने इन स्थलों की ऐतिहासिक गाथाओं और उनके महत्व से बच्चों को अवगत कराया।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन करैरा रेंजर लक्ष्मन सिंह मीना ने किया। इस अवसर पर डिप्टी रेंजर अरबिंद मिश्रा, कुलदीप सिंह गौर, राजाराम करोठिया, हेमराज शाक्य, बालीराम अहिरवार और बृजेश राय उपस्थित रहे। साथ ही वन आरक्षक आदित्य प्रकाश भार्गव, सौरभ तिवारी, संदीप शर्मा, बेटू शर्मा सहित आसपास के बीट प्रभारी, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और स्कूलों के शिक्षक भी मौजूद रहे।
इस ‘अनुभूति कार्यक्रम’ का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना और उन्हें अपने क्षेत्र की प्राकृतिक व ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित कराना है।
