दरअसल, बिजली बिल की वसूली और अवैध कनेक्शनों की जांच के लिए जूनियर इंजीनियर मनोज दुबे सकरा गांव पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ उपभोक्ताओं द्वारा बिल जमा करने को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात JE मनोज दुबे के साथ कुछ लोगों ने हाथापाई की, जिससे विभागीय कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
घटना के अगले ही दिन बिजली कंपनी की टीम सकरा गांव पहुंची और विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान जिन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल बकाया था, उनकी लाइन काट दी गई। वहीं, जिन लोगों पर JE से मारपीट का आरोप है, उनकी विद्युत सप्लाई भी बिना किसी देरी के बंद कर दी गई। कार्रवाई के दौरान अवैध कनेक्शनों की भी जांच की गई और कई स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
बिजली सप्लाई कटते ही गांव में हड़कंप की स्थिति बन गई। कई उपभोक्ता बिजली कर्मचारियों से लाइन जोड़ने की गुहार लगाते नजर आए, जबकि कुछ लोग कार्रवाई से बचने के प्रयास करते दिखे। विभागीय अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना बिल भुगतान और अवैध कनेक्शन के बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।
बिजली कंपनी फिलहाल “समाधान शिविर” अभियान के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा करने और अपनी समस्याओं के समाधान का अवसर भी दे रही है, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि राजस्व वसूली और कर्मचारियों की सुरक्षा दोनों ही उनकी प्राथमिकता हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता नवनीत राठौर, शिशिर शताक्षी, सहायक अभियंता शुभम तंतुवाय, स्वर्ण सिंह मनकोटिया तथा कनिष्ठ अभियंता पवन यादव सहित विभागीय अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा करें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें, ताकि इस तरह की कठोर कार्रवाई की नौबत न आए।
