नई दिल्ली। एक दिन के भारत दौरे (India visit) पर आए यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान (UAE President Mohammed bin Zayed Al Nahyan) का एयरपोर्ट पर ही शानदार स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) प्रोटोकॉल तोड़कर उनकी अगुवाई करने दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। दोनों नेता बेहद गर्मजोशी के साथ गले मिले। मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पारंपरिक तोहफे भी दिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को शाही नक्काशीदार एक झूला गिफ्ट किया। इसमें गुजराती हस्तशिल्प की कलाकारी दिखाई देती है। इसके अलावा झूला अच्छे संबंधों और सहजता का प्रतीक है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चांदी की एक संदूक में पश्मीना शॉल भी नाहयान को गिफ्ट किया। यह चांदी का ब़क्स तेलंगाना में बनाया गया है। दोनों गिफ्ट एक साथ देकर भारत की साझी विरासत और परंपरा को दिखाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नाहयान साथ में झूले पर बैठे भी नजर आए।
यह उपहार वर्ष 2026 को संयुक्त अरब अमीरात द्वारा ‘परिवार का वर्ष’ घोषित किए जाने के संदर्भ में भी विशेष रूप से सार्थक है। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक सुसज्जित चांदी के बॉक्स में पश्मीना शॉल भी भेंट की। यह पश्मीना शाल कश्मीर की है और अत्यंत महीन ऊन से हाथ से बनाई जाती है, जिससे यह मुलायम, हल्की और गर्म होती है। शाल को तेलंगाना में निर्मित एक सजावटी चांदी के बॉक्स में रखा गया है। ये दोनों उपहार मिलकर भारत की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इसी प्रकार, सुसज्जित चांदी के बॉक्स में रखी गई पश्मीना शाल शेखा फातिमा बिंत मुबारक अल केतबी को भी भेंट की गई। उन्हें चांदी के बॉक्स में कश्मीरी केसर भी उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। कश्मीर घाटी में उगाया जाने वाला केसर अपने गहरे लाल रेशों और तीव्र सुगंध के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध और विशेष माना जाता है।
