ऑडिट रिपोर्ट में क्या मिला?
CAG की जांच में यह खुलासा हुआ कि 16,234 भूजल सैंपलों में से लगभग 55% पानी पीने योग्य नहीं था।
दिल्ली में पानी की कमी और कमजोर जांच व्यवस्था
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली को रोजाना लगभग 1,680 मिलियन यूनिट पानी की जरूरत है, लेकिन सप्लाई में करीब 25% की कमी है।
जिन इलाकों में पानी पहुंच रहा है, उसकी गुणवत्ता की सही निगरानी नहीं हो पा रही है। जांच और मॉनिटरिंग सिस्टम इतने कमजोर हैं कि यह सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया है कि पानी स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित है या नहीं।
BIS मानकों के अनुसार जांच नहीं
CAG रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि दिल्ली जल बोर्ड की प्रयोगशालाओं में BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) के नियमों के अनुसार पानी की जांच नहीं हुई।
बिना ट्रीटमेंट पानी की सप्लाई
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों में 80-90 मिलियन गैलन पानी रोजाना बिना ट्रीटमेंट के सीधे बोरवेल और रैनी वेल से लोगों तक सप्लाई किया गया।विशेषज्ञों का कहना है कि बिना शुद्धिकरण का पानी देने से डायरिया, पीलिया, टायफाइड जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
पानी की सप्लाई का सही आंकड़ा नहीं
CAG ने यह भी कहा कि दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जलाशयों और बोरवेल्स पर फ्लो मीटर नहीं लगाए गए।
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि दूषित पानी पीने से डायरिया, पीलिया, टायफाइड, कैंसर, किडनी-लीवर की समस्याएं हो सकती हैं।आर्सेनिक और लेड जैसे जहरीले तत्व लंबे समय में गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं।
JSAI ने सरकार से मांगा कड़ा एक्शन
जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने कहा कि साफ और सुरक्षित पेयजल हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।
JSAI ने सरकार से मांग की है कि पानी की गुणवत्ता में लापरवाही करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो और हर घर तक सुरक्षित पानी पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही प्रयोगशालाओं को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाए।
यह रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष ने पिछली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि AAP ने इसे केंद्र सरकार की राजनीति बताया है।
विशेषज्ञों का समाधान
विशेषज्ञों का कहना है कि:सभी प्रयोगशालाओं को BIS मानकों के अनुसार आधुनिक बनाना होगा। पर्याप्त स्टाफ और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।हर ट्रीटमेंट प्लांट में फ्लो मीटर लगें, पानी की नियमित और व्यापक गुणवत्ता जांच हो,बिनाट्रीटमेंट पानी की सप्लाई तुरंत बंद हो।
