सबसे पहले बात करें कॉमेडी क्वीन भारती सिंह की। भारती ने अपने पहले बच्चे के जन्म के महज 12 दिन बाद ही शो हुनरबाज के सेट पर वापसी कर सबको हैरान कर दिया था। बेटे को घर पर छोड़कर आने के बाद वह भावुक भी हो गई थीं। पैपराजी से बातचीत में उन्होंने बताया था कि वह काफी रोईं क्योंकि उनका बेबी सिर्फ 12 दिन का था लेकिन काम की जिम्मेदारी भी जरूरी थी। हालांकि इस फैसले को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा।
वहीं अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी मां बनने के बाद जल्दी काम संभाला। उन्होंने अपनी बेटी महर के जन्म के लगभग 45 दिन बाद रियलिटी शो रोडीज की शूटिंग शुरू कर दी थी। इतना ही नहीं दूसरे बच्चे के जन्म के छह दिन बाद ही उन्होंने सोशल मीडिया पर स्क्रिप्ट पढ़ते हुए अपनी तस्वीर साझा कर यह संकेत दे दिया था कि वह जल्द ही काम पर लौटने वाली हैं।
आलिया भट्ट ने भी बेटी राहा के जन्म के तीन से चार महीने के भीतर काम पर वापसी कर ली थी। खास बात यह है कि उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान ही हॉलीवुड फिल्म हार्ट ऑफ़ स्टोन की शूटिंग पूरी की थी जिसमें उन्होंने कई एक्शन सीन भी किए। आलिया का यह प्रोफेशनलिज्म दर्शाता है कि वह अपने करियर को लेकर कितनी समर्पित हैं।
बॉलीवुड की फिटनेस आइकन करीना कपूर खान भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान विज्ञापन और शूटिंग जारी रखी थी। दूसरे बेटे जेह के जन्म के करीब एक महीने बाद ही वह दोबारा काम पर लौट आई थीं। करीना ने हमेशा यह संदेश दिया है कि प्रेग्नेंसी किसी महिला के काम करने की क्षमता को सीमित नहीं करती।
टीवी इंडस्ट्री की बात करें तो भाभी जी घर पर हैं फेम सौम्या टंडन ने जनवरी 2019 में बेटे को जन्म दिया और महज चार महीने बाद मई में शूटिंग पर लौट आईं। इसी तरह छवी मित्तल बेटे के जन्म के एक महीने के भीतर ही काम पर सक्रिय हो गई थीं। वह अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान भी काफी एक्टिव रहीं और बाद में बेटे को सेट पर साथ लेकर भी पहुंचीं।
साउथ और बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकीं काजल अग्रवाल ने भी बेबी के जन्म के दो महीने बाद काम पर वापसी की। वह अक्सर अपने बेटे को सेट पर साथ लेकर जाती थीं जिससे वह मां और प्रोफेशनल दोनों भूमिकाएं निभा सकें।
इन अभिनेत्रियों की कहानियां यह साबित करती हैं कि आज की महिलाएं पारिवारिक और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने यह दिखाया कि मां बनने के बाद भी सपनों की उड़ान थमती नहीं बल्कि और मजबूत हो जाती है।
