मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि के बाद मेला आयोजित किया जाता है। इस बार यह मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ और 28 फरवरी तक चलेगा। नोटों से किए गए विशेष श्रृंगार की सजावट 26 फरवरी तक भक्तों के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगी।
मंदिर के पुजारी के अनुसार इस भव्य श्रृंगार को तैयार करने में सात कलाकारों की टीम को तीन दिन का समय लगा। कलाकारों ने नोटों से मुकुट, माला और मंदिर की लड़ी-लड़ियों को अत्यंत आकर्षक और भव्य रूप में सजाया।
यह परंपरा मंदिर में पिछले चार सालों से चल रही है। 2021 में 7 लाख रुपए, 2022 में 11 लाख रुपए, 2023 में 21 लाख रुपए और 2024 में 51 लाख रुपए के नोटों से भगवान का श्रृंगार किया गया। 2025 में यह राशि बढ़कर 1 करोड़ 21 लाख रुपए हो गई और इस साल 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से भगवान महादेव को सजाया गया है।
भक्तों के अनुसार नोटों की माला और मुकुट से सजा भगवान का यह स्वरूप अत्यंत आकर्षक और दिव्य दिखाई देता है। मंदिर परिसर में नोटों की लड़ी-लड़ियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और दर्शन को और भी खास बना दिया। इस विशेष श्रृंगार ने भक्तों को अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव और महाशिवरात्रि का आनंद प्रदान किया। श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में इस सजावट के कारण उमड़ रही है और यह दृश्य देखने के लिए दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं।
