घटनाक्रम की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी, जब जितेंद्र उक्त नाबालिग लड़की को लेकर भाग गया था। परिजनों की शिकायत पर बदरवास पुलिस ने कार्रवाई की और 8 नवंबर 2025 को जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच और नाबालिग के बयानों के आधार पर पुलिस ने जितेंद्र के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। कानूनी दस्तावेजों में जो शख्स एक अपराधी और बलात्कारी के रूप में दर्ज था, उसके लिए नाबालिग के मन में शायद कुछ और ही चल रहा था।
11 फरवरी को जितेंद्र जमानत पर जेल से बाहर आया। रिहाई के बाद दोनों ने फिर से संपर्क किया और बीते 24 फरवरी को वे एक बार फिर अपने-अपने घरों से रहस्यमयी ढंग से गायब हो गए। परिजनों की तलाश और पुलिस की सक्रियता के बीच, बुधवार सुबह गुड़ा रोड स्थित एक खेत में नीम के पेड़ पर दोनों की लाशें फांसी के फंदे से लटकती पाई गईं। हैरान करने वाली बात यह है कि मृत नाबालिग के गले में मंगलसूत्र मिला है, जो इस ओर इशारा करता है कि मरने से पहले या भागने के दौरान उन्होंने कथित तौर पर विवाह कर लिया था।
घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह वाकई सामूहिक आत्महत्या है या इसके पीछे ‘ऑनर किलिंग’ जैसी कोई गहरी साजिश? पुलिस हर कोण से जांच कर रही है। कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर के अनुसार, शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं-लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस युवक को लड़की ने जेल भिजवाया था, उसी के साथ उसने मौत का रास्ता क्यों चुना। फिलहाल, पीएम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों का इंतजार है, जिसके बाद ही इस खौफनाक अंत की असली वजह साफ हो पाएगी।
