घटना के संदर्भ में प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक पीड़ित परिवार का पड़ोसी बताया जा रहा है। वह अक्सर बच्ची के घर आता-जाता था और परिवार का उस पर भरोसा था। वारदात वाले दिन, आरोपी ने मासूम की मां के पास जाकर उसे अपनी गोद में लिया और यह कहकर बाहर ले गया कि वह बच्ची के साथ कुछ देर खेलना चाहता है। मां को अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वह अपना पड़ोसी और शुभचिंतक समझ रही है, वह वास्तव में एक भेड़िया है जो उसकी कोख से जन्मी नन्हीं सी जान को नोंचने की ताक में बैठा है।
आरोपी मासूम को एकांत स्थान पर ले गया और वहां उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। कुछ देर बाद जब बच्ची की चीखें बंद हुईं और उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो आरोपी घबरा गया। वह मरणासन्न हालत में मासूम को उसकी मां के पास छोड़कर मौके से फरार हो गया। बच्ची की नाजुक स्थिति और उसके शरीर पर चोट के निशान देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में मासूम को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर बताई है।
इस बर्बरता की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के साथ-साथ उसे बीच चौराहे पर सख्त सजा देने की मांग करने लगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकASP सुजीत सिंह भदोरिया सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्टPOCSO Act और दुष्कर्म की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई कराकर उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। फिलहाल, पूरा गांव गम और गुस्से में डूबा हुआ है और हर कोई बस यही दुआ कर रहा है कि वह मासूम इस मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आए।
