मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि चल रहे फील्ड ऑपरेशन या घटनास्थल से जुड़ा कंटेंट शूट कर उसे प्रकाशित करना कानूनी जवाबदेही का कारण बन सकता है। बयान में कहा गया कि ऐसी गतिविधियों से संबंधित अधिकारियों के काम में बाधा आती है, जिससे रिस्पॉन्स स्पीड और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
भीड़ न जुटाएं, अफवाहों से बचें
कतर के अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी दुर्घटना या हमले की जगह पर जाने, भीड़ लगाने या वहां की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डालने से बचें। सरकार का जोर इस बात पर है कि संवेदनशील हालात में सुरक्षा एजेंसियों को बिना व्यवधान काम करने दिया जाए।
Ministry of Interior Bahrain की भी चेतावनी
इसी बीच बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने भी नागरिकों और निवासियों से शांत और सतर्क रहने की अपील की है। एक्स पर जारी संदेश में बताया गया कि सायरन बज चुका है और सभी लोग अपने नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। मंत्रालय ने लोगों से संयम बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा है।
तेहरान में एयरस्ट्राइक की खबर
ईरान के ‘शारघ’ अखबार के मुताबिक, तेहरान के डाउनटाउन इलाके में पुरानी संसद भवन के पास एयरस्ट्राइक हुई है। हमला वलियासर और जामी स्ट्रीट के चौराहे के पास बताया जा रहा है, जहां कई सांस्कृतिक स्थल और संग्रहालय स्थित हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Islamic Revolutionary Guard Corps का दावा
आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने बहरीन के शेख ईसा इलाके में स्थित एक अमेरिकी एयर बेस पर बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला किया। संगठन के अनुसार 20 ड्रोन और तीन मिसाइलें दागी गईं, जिससे “एयर बेस की मुख्य कमांड और मुख्यालय इमारत तबाह हो गई और ईंधन टैंक में आग लग गई।” इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बढ़ती मानवीय चिंता
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संस्था Human Rights Activists News Agency (एचआरएएनए) के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार शाम तक कम से कम 742 लोगों के मारे जाने की बात कही गई, जिनमें 176 बच्चे शामिल बताए गए हैं। 900 से ज्यादा नागरिक घायल हुए हैं। संस्था का कहना है कि वह अन्य सैकड़ों मौतों की रिपोर्ट की पुष्टि कर रही है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
कतर और बहरीन की एडवाइजरी इस बात का संकेत है कि खाड़ी क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। सरकारें एक ओर सुरक्षा बलों को सक्रिय रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर नागरिकों से संयम और जिम्मेदारी की अपील कर रही हैं। मानना है कि ऐसे समय में सोशल मीडिया पर अनियंत्रित तस्वीरें और वीडियो न केवल अफवाहों को बढ़ा सकते हैं, बल्कि सैन्य और सुरक्षा अभियानों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
