नई दिल्ली:होली के पर्व के साथ हिंदू पंचांग के पहले महीने चैत्र मास की शुरुआत हो गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि इसी समय से हिंदू नववर्ष का आरंभ भी माना जाता है। मान्यता है कि चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही सृष्टि की रचना की शुरुआत हुई थी। इसी कारण यह महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना जाता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सृष्टि के रचयिता Brahma ने इसी तिथि से सृष्टि निर्माण का कार्य शुरू किया था। इस कारण चैत्र मास को नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। पूरे महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।
चैत्र मास के प्रारंभिक दिनों में कई प्रमुख व्रत मनाए जाएंगे। इस क्रम में 6 मार्च को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। इसके बाद 8 मार्च को रंग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। 11 मार्च को शीतला अष्टमी का व्रत आएगा जो विशेष रूप से Sheetala Mata की पूजा के लिए जाना जाता है। इसके बाद 15 मार्च को पाप मोचिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। 16 मार्च को प्रदोष व्रत और 17 मार्च को मासिक Shiva रात्रि यानी मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इसके बाद 18 मार्च को चैत्र अमावस्या होगी।
चैत्र मास के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों की शुरुआत 19 मार्च से होगी जब चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होगा। इसी दिन Gudi Padwa और Ugadi के साथ हिंदू नववर्ष का भी आरंभ माना जाता है। इस दौरान नौ दिनों तक Durga के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और देशभर में मंदिरों और घरों में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं।
इसके बाद 21 मार्च को गणगौर पूजा का पर्व मनाया जाएगा जो खास तौर पर महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। 24 मार्च को चैती छठ और यमुना छठ का पर्व आएगा। 26 मार्च को भगवान Rama के जन्मोत्सव के रूप में राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा। इसके अगले दिन 27 मार्च को चैत्र नवरात्रि व्रत का पारण किया जाएगा।
महीने के अंतिम दिनों में भी कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व आएंगे। 29 मार्च को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा जबकि 31 मार्च को Mahavira जयंती मनाई जाएगी। इसके बाद 2 अप्रैल को Hanuman जयंती और चैत्र पूर्णिमा का पर्व आएगा जो भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र माह में कुछ विशेष धार्मिक कार्य करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस महीने में रोज सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को पंखा घड़ा सूती वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना भी फलदायी माना जाता है।
इसके अलावा चैत्र मास में देवी उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। इस दौरान Durga Saptashati का पाठ करना और देवी की आराधना करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख शांति और समृद्धि का वास होता है।
