भोपाल। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए किये गये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जल संवर्धन और सरंक्षण के अच्छे प्रयास किये जा रहे हैं।
केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि मध्य प्रदेश के बड़े भू-भाग में वन हैं। मध्य प्रदेश में महाराष्ट्र के बाद सर्वाधिक बांध हैं। मध्य प्रदेश अपनी नदियों और बांधों से उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, बिहार, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को पानी दे रहा है। जल गंगा जन भागीदारी अभियान में मध्य प्रदेश के खण्डवा जिले को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। खण्डवा की तरह प्रदेश के हर जिले में जल संरक्षण का प्रयास करें। लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने का भी अभियान चलाए। आमजनता की भागीदारी से ही जल संरक्षण का अभियान पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि हर पक्के भवन में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर छत का पानी धरती में पहुंचाए। हर बड़े खेत में वर्षा जल को धरती में भेजने के लिए रिचार्जिंग संरचना का निर्माण कराएं। गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रहेगा, तभी जल संवर्धन होगा। गांव में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने पर खेती समृद्ध होगी और किसान खुशहाल होगा। वनों में भी हर बड़े वृक्ष के पास जल संरक्षण के लिए कंटूर और ट्रेन्च बनाएं।
बैठक में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल संरक्षण के आहवान पर मध्य प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लगातार जल संरक्षण के प्रयास किये जा रहे हैं। गत वर्ष खण्डवा जिले में एक लाख 29 हजार जल संरचनाओं का निर्माण करके देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मध्य प्रदेश में पिछले दो वर्षों में जल संरक्षण के लिए 2 लाख 79 हजार जल संरक्षण का निर्माण किया गया है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 250 से अधिक नदियों का मायका है। नदियों के उद्गम स्थलों की साफ-सफाई तथा वृक्षारोपण का अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी चंबल नदी से यमुना नदी को सोन नदी से गंगा नदी को शक्ति मिलती है। हमारी नदियों में जल संचय का स्राेत हमारे वन हैं। वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रदेश को वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू कर रहे हैं। सभी कलेक्टर कार्ययोजना बनाकर जल संरक्षण के कार्य शुरू कराएं। प्रदेश को जल संरक्षण में देश में प्रथम स्थान पर लाना है। नहरों की साफ-सफाई, हैण्डपंप में रिचार्ज पिट तथा हर पक्के भवन में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था कराएं।
बैठक में जल शक्ति विभाग के सचिव बीएल कांता राव ने जल गंगा जन भागीदारी अभियान की उपलब्धियों तथा मध्य प्रदेश के कार्यों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों, कार्ययोजना एवं गत वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में खण्डवा, राजगढ़ और इंदौर जिलों की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।
