घटना की पटकथा 3 मार्च 2026 की रात को लिखी गई, जब आरोपी रामनिवास भील ने एक सुनियोजित साजिश रची। उसने अपनी बुजुर्ग दादी पर लंबे समय से गंदी नजर रखी हुई थी। उस रात उसने एक मुर्गा खरीदा और ‘मुर्गा पार्टी’ का लालच देकर बुजुर्ग के बेटे (अपने चाचा) को खेत पर बुला लिया। जब बेटा पार्टी में मशगूल हो गया, तो रामनिवास चुपके से वहां से निकला और उस टापरी (झोपड़ी) पर जा पहुँचा जहाँ बुजुर्ग महिला अकेली थी।
खौफनाक मंजर तब शुरू हुआ जब आरोपी ने आवाज देकर अपनी दादी को बाहर बुलाया और जबरन खींचकर गेहूं के खेत में ले गया। वहां उसने बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म (Rape) किया। जब बेबस दादी ने अपनी अस्मत बचाने के लिए शोर मचाया और विरोध किया, तो रामनिवास के भीतर का शैतान जाग उठा। उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपने दांतों से महिला की नाक और मुंह को बुरी तरह काट लिया। तड़पती हुई बुजुर्ग को लहूलुहान हालत में छोड़कर आरोपी नग्न अवस्था में ही वहां से भाग निकला। अगली सुबह जब बेटा खेत पर पहुँचा, तो माँ को मरणासन्न स्थिति में पाया, जिन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस के लिए यह ‘अंधा कत्ल’ एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक केएल बंजारे और भोजपुर थाना प्रभारी संगीता शर्मा की टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए महज 24 घंटे में इस हैवान को बेनकाब कर दिया। घटनास्थल के पास झाड़ियों में छिपा आरोपी का मोबाइल फोन और खून से सनी शर्ट उसके खिलाफ सबसे बड़े गवाह बने। ग्रामीणों ने भी पुष्टि की कि घटना की रात रामनिवास को बिना कपड़ों के भागते देखा गया था, जिसके शरीर पर खून के निशान थे।
पूछताछ में जब आरोपी ने अपना जुर्म कबूला, तो पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। आरोपी ने बताया कि उसने योजना के तहत ही बेटे को पार्टी में फंसाया था ताकि वह अपनी दरिंदगी को अंजाम दे सके। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी रामनिवास को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है और उसके खिलाफ हत्या व बलात्कार की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
