मंदिर समिति के अध्यक्ष आई.एल. मेहता ने बताया कि आचार्य मुक्ति सागर सूरीश्वर महाराज और आचार्य अचल मुक्ति सागर महाराज के सानिध्य में मूलनायक शंखेश्वर पार्श्वनाथ जिन प्रतिमाओं का विधिपूर्वक अभिषेक और पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नमोकार मंत्र का सामूहिक जाप किया और धार्मिक लाभ प्राप्त किया।
पूजन के बाद भव्य ध्वज वरघोड़ा निकाला गया। इस दौरान श्रद्धालु प्रभु भक्ति में झूमते और नृत्य करते हुए आगे बढ़े, जिससे पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बन गया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसमें भक्तिमय गीत और जैन धर्म से जुड़ी कथाएं प्रस्तुत की गईं। मंदिर समिति ने पूरे आयोजन को आकर्षक साज-सज्जा और सुरक्षा इंतजाम के साथ संपन्न कराया।
इस अवसर पर चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री ललित तातेड, श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष राजेश तातेड, श्री आदिनाथ संघ तुलसी नगर के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कोठारी, महिला मंडल की शिल्पा कोठारी सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
महोत्सव में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन धर्म, संस्कृति और भक्ति को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और यह नए युवाओं को धार्मिक मूल्यों और सामाजिक एकता से जोड़ते हैं।
