परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी सपन जादौन ने उनके फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें भ्रष्ट अधिकारी बताते हुए बदनाम करने की कोशिश की। इसके साथ ही भ्रष्टाचार का कथित खुलासा करने की धमकी देकर पैसों की मांग की जाने लगी। अर्चना परिहार के मुताबिक, पिछले तीन महीने उनके जीवन के सबसे तनावपूर्ण रहे। उन्होंने बताया कि वह गर्भावस्था के अंतिम चरण में हैं और इस दौरान लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव ने उन्हें काफी परेशान कर दिया।
अर्चना परिहार का आरोप है कि आरोपी और उसके साथी उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे और उनकी लोकेशन तक की जानकारी देते थे। कई बार ऑफिस में आकर कर्मचारियों से पूछा जाता था कि मैडम कहां गई हैं और कब लौटेंगी। उन्होंने बताया कि एक बार उन्हें संदेश भेजकर कहा गया कि अगर चार लाख रुपये दे दिए जाएं और बाबू की तरफ से दो लाख रुपये मिल जाएं तो मामला खत्म कर दिया जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
इसी तरह सबलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सोनाराम धाकड़ ने भी आरोपी के खिलाफ रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया है। धाकड़ का कहना है कि सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर उन्हें भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए कई पोस्ट डालीं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। इसके बाद उनके बेटे के मोबाइल नंबर पर एक लिंक और क्यूआर कोड भेजकर 10 लाख रुपये की मांग की गई। जांच के लिए बेटे ने 10 हजार रुपये ट्रांसफर भी किए, लेकिन इसके बाद भी दबाव बनाया जाता रहा।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथियों का तरीका लगभग एक जैसा था। वे पहले किसी अधिकारी या नेता को टारगेट बनाते, फिर उसके फोटो और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर दबाव बनाते थे। इसके बाद संपर्क कर पैसों की मांग की जाती थी और पैसे नहीं देने पर भ्रष्टाचार का खुलासा करने की धमकी दी जाती थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सपन जादौन मुरैना के कोलिया गांव का रहने वाला है और जयपुर में मार्बल का काम करता था। सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान कुछ अन्य लोगों से हुई और उन्होंने मिलकर एक ग्रुप बना लिया। इस ग्रुप का मकसद कथित तौर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को ब्लैकमेल कर पैसा कमाना था।
मुरैना पुलिस ने आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
