मिडिल ईस्ट संकट से प्रभावित हुई उड़ानें
दरअसल इन दिनों मिडिल ईस्ट क्षेत्र में जारी तनाव और संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है। कई देशों के एयरस्पेस बंद होने और सुरक्षा अलर्ट जारी होने के चलते कई फ्लाइट्स रद्द या डायवर्ट करनी पड़ीं। इसका सीधा असर भारत में खेले गए ICC Men’s T20 World Cup के बाद टीमों की वापसी पर पड़ा। इसी वजह से कई टीमें समय पर अपने-अपने देशों के लिए रवाना नहीं हो सकीं। खास तौर पर West Indies cricket team और South Africa national cricket team सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं।
वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका को करना पड़ा इंतजार
टूर्नामेंट में वेस्टइंडीज की टीम 1 मार्च को सुपर-8 चरण से बाहर हो गई थी, जबकि साउथ अफ्रीका को 4 मार्च को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इन टीमों को अपने देश लौटने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। यात्रा में देरी के चलते खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को भारत में ही रुकना पड़ा, जिससे क्रिकेट जगत में सवाल उठने लगे कि आखिर कुछ टीमें जल्दी कैसे लौट गईं जबकि अन्य को इंतजार करना पड़ रहा है।
इंग्लैंड की तुरंत वापसी से उठा विवाद
विवाद तब बढ़ गया जब England cricket team सेमीफाइनल में भारत से हारने के तुरंत बाद 5 मार्च को स्वदेश लौट गई। इसके बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान Michael Vaughan समेत कई क्रिकेट विश्लेषकों ने आईसीसी पर इंग्लैंड को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि अगर इंग्लैंड की टीम तुरंत लौट सकती है, तो अन्य टीमों के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ। इस सवाल के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई।
आईसीसी ने आरोपों को किया खारिज
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए International Cricket Council ने साफ कहा कि अलग-अलग टीमों के लिए बनाई गई यात्रा व्यवस्थाओं का आपस में कोई संबंध नहीं है।
आईसीसी के मुताबिक हर टीम के लिए यात्रा योजना उनके देश के रूट, उपलब्ध फ्लाइट्स, सुरक्षा स्थिति और उस समय की परिस्थितियों के आधार पर बनाई गई थी। इसलिए किसी भी टीम को विशेष प्राथमिकता देने का सवाल ही नहीं उठता।
सुरक्षा को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता
आईसीसी ने अपने बयान में कहा कि वह खिलाड़ियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ और उनके परिवारों की जल्द घर लौटने की इच्छा को पूरी तरह समझता है। हालांकि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संकट की वजह से कई एयरस्पेस बंद हो गए थे और मिसाइल अलर्ट जारी किए गए थे। इस कारण कई कमर्शियल और चार्टर फ्लाइट्स को रद्द या पुनर्निर्धारित करना पड़ा। कई उड़ानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ा, जिससे यात्रा व्यवस्थाएं पहले से कहीं अधिक जटिल और समय लेने वाली हो गईं।
उपलब्ध विकल्पों के आधार पर भेजी जा रहीं टीमें
आईसीसी ने अंत में कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से उपलब्ध विकल्पों और सुरक्षित रूट्स के आधार पर ही टीमों को उनके देशों के लिए रवाना किया जा रहा है। बोर्ड ने यह भी दोहराया कि मौजूदा हालात असाधारण हैं और ये परिस्थितियां पूरी तरह उसके नियंत्रण से बाहर हैं। ऐसे में सभी टीमों को सुरक्षित तरीके से घर पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
