पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आठ मार्च को एक महिला ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी छह मार्च की सुबह करीब दस बजे घर से निकली थी लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर तक बेटी के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद चिंतित मां ने पुलिस थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुलताई थाना पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बालिका की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कीं और संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की और तकनीकी माध्यमों की मदद से भी सुराग जुटाए। पुलिस की सतत प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते बालिका का पता लगाने में सफलता मिली। पुलिस टीम ने बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और उसे सुरक्षित थाना लाया गया।
इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने से परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई कर उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करना प्राथमिकता होती है। इस मामले में भी शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और कम समय में बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि बालिका को किस परिस्थिति में और किसके द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। यदि इस घटना में किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुलताई थाना पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में सराहना मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता के कारण एक नाबालिग बालिका सुरक्षित अपने घर पहुंच सकी जो कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।
