इन 6 अस्पतालों की बढ़ी मुश्किलें: नोटिस की लिस्ट
स्वास्थ्य विभाग की रडार पर आए इन अस्पतालों ने तय समय-सीमा में आवेदन नहीं किया थाजहरा अस्पताल: लालघाटी चौराहा।सरदार पटेल अस्पताल: मोतिया तालाब रोड।राय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर: कैपिटल पेट्रोल पंप के पास।हेल्थ केयर हॉस्पिटल: बीडीए कॉलोनी, गोदरमऊ (गांधीनगर)।भगवती गौतम अस्पताल: दानिश कुंज, कोलार रोड।सचिन ममता अस्पताल: सोनागिरी, पिपलानी।
लापरवाही भारी: ढाई महीने की मोहलत, फिर भी नहीं जागे संचालक
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार, निजी अस्पतालों और क्लिनिकों को एनएचएस (NHS) पोर्टल पर आवेदन करने के लिए करीब ढाई महीने का पर्याप्त समय दिया गया था।
नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन: मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 के तहत बिना वैध पंजीयन के किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्था का संचालन नियमों के खिलाफ है।
3 साल का लाइसेंस: आमतौर पर 1 अप्रैल से अगले तीन वर्षों के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है, जिसके लिए रिन्यूअल की प्रक्रिया अनिवार्य है।
31 मार्च के बाद क्या होगा? प्रशासन का सख्त रुख
स्वास्थ्य विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि1 अप्रैल से इन 6 अस्पतालों का संचालन पूरी तरह ‘अवैध’ घोषित किया जा सकता है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी निजी अस्पताल मानकों का पालन करें, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके।
स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर नियमों को ताक पर रखना अब इन अस्पतालों को भारी पड़ने वाला है। 31 मार्च की रात इन संचालकों के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ जैसी होगी—या तो कागजी प्रक्रिया पूरी करें, अन्यथा 1 अप्रैल की सुबह अस्पताल के गेट पर स्वास्थ्य विभाग का ताला लगा मिल सकता है।
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