वारदात के समय किसान ललित और उनके परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर गए हुए थे, जिससे बदमाशों ने घर में आसानी से लूट की। शुरुआती जांच में पुलिस को यह संकेत मिला है कि बदमाश परिवार से पूर्व परिचित हो सकते हैं। चौकीदारों से पूछताछ के दौरान बदमाशों ने सीधे “ललित कहां है?” सवाल किया, जिससे यह अंदेशा मजबूत होता है।
पीड़ित किसान के पिता वासुदेव सोलंकी, जो पहले चांदगढ़ रेंज की वन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं, परिवार के संपन्न होने की वजह से भी लूट के निशाने पर हो सकते हैं। सोलंकी परिवार के पास गांव में करीब 40 एकड़ खेती की जमीन, कार और बस सहित अन्य संपत्ति मौजूद है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वन विभाग के कैमरों में लुटेरों के स्कॉर्पियो वाहन की पहचान की गई है, जिससे जल्द ही बदमाशों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नर्मदानगर थाना प्रभारी विकास खिंची ने बताया कि लूट की वारदात का रहस्य जल्द सुलझाने के लिए टीम गठित की गई है और इलाके के ग्रामीणों से भी मदद मांगी जा रही है। पुलिस ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की है।
यह वारदात यह भी दर्शाती है कि मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में संपन्न परिवारों के घरों को निशाना बनाकर दिनदहाड़े लूट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पुलिस का दावा है कि तकनीकी मदद और गांव के लोगों के सहयोग से जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
