प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.4 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार और खजुराहो में 38.9 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री और खरगोन में 38.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। सागर, टीकमगढ़ और सिवनी में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में गर्मी का असर इसलिए तेज हुआ है क्योंकि हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर हो गई है। इसके साथ ही हवा में नमी काफी कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं तापमान को और बढ़ा रही हैं।
हालांकि शनिवार से मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि 14 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 15 मार्च से मध्यप्रदेश में दिखाई देगा। इसके कारण प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
15 मार्च को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं 16 मार्च को रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। 17 मार्च को अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। जिन जिलों में बारिश होगी वहां तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में गर्मी का असर बना रहेगा।
तेज गर्मी और पानी की कमी को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भोपाल को जल अभावग्रस्त घोषित करते हुए निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी कर कहा है कि बिना अनुमति ट्यूबवेल खोदने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही बोरवेल मशीनों के जिले से गुजरने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि सरकारी ट्यूबवेल और पीएचई विभाग की नल-जल योजनाएं जारी रहेंगी।
डॉक्टरों के अनुसार मार्च का मौसम स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। इसलिए लोगों को सुबह और देर रात की ठंडी हवा से बचने और खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल और मई में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है।
