सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि असलम कुरैशी निर्दोष है और उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए जमानत आवेदन निरस्त करने का आग्रह किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया।
इस मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच पूरी करने के बाद 6 मार्च को करीब 500 पन्नों का आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया था। आरोप-पत्र में आरोपी असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
दरअसल, 17 दिसंबर 2025 को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जहांगीराबाद इलाके के पास एक कंटेनर को पकड़ा था। कंटेनर में करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा जा रहा था। आरोप लगाया गया था कि स्लॉटर हाउस में गोवंश का अवैध कत्ल कर मांस को चोरी-छिपे बाहर भेजा जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कंटेनर से बरामद मांस के सैंपल लेकर जांच के लिए मथुरा स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजे थे। जांच रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि होने के बाद 8 जनवरी को जहांगीराबाद थाने में मामला दर्ज किया गया था।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
