उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 26 फरवरी 2026 से बुध की उल्टी चाल यानी वक्री अवस्था चल रही थी, जो 21 मार्च को समाप्त हो जाएगी। बुध का मार्गी होना कार्यों में गति लाने वाला माना जाता है। वक्री अवस्था में अक्सर कार्यों में रुकावट, भ्रम और देरी की स्थिति बनी रहती है। वहीं मार्गी होने पर हालात सामान्य होने लगते हैं और अटके काम आगे बढ़ते हैं।
हालांकि, यदि बुध कमजोर या नकारात्मक प्रभाव में हो, तो मार्गी अवस्था में भी कुछ जातकों को तनाव, गलतफहमियों और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिष के अनुसार, बुध बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, संचार और तकनीकी क्षमताओं का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए इसकी चाल में बदलाव सीधे व्यक्ति के सोचने-समझने, निर्णय लेने और कामकाज पर असर डालता है।
तुला राशि:
तुला राशि के जातकों के लिए 21 मार्च से बुध का मार्गी होना नुकसानदायक साबित हो सकता है। इस दौरान आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है और हर कार्य में चुनौती आ सकती है। सबसे जरूरी है कि इस समय अपनी वाणी पर विशेष ध्यान दें। किसी को कटु या अपमानजनक शब्द नहीं बोलने चाहिए, अन्यथा बड़े विवाद की संभावना बढ़ सकती है। बुध को शांत करने के लिए गरीबों को दान देना और भगवान गणेश की सेवा करना शुभ रहेगा।
कुंभ राशि:
कुंभ राशि के जातकों के लिए भी बुध का मार्गी होना सुखद नहीं होगा। शारीरिक परेशानियां, मानसिक तनाव और कारोबार में नुकसान की संभावना है। इस समय नए कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए और सभी काम सोच-समझकर करें। किसी को कठोर वचन देने से बचें, अन्यथा विवाद के कारण कोर्ट-कचहरी का सामना करना पड़ सकता है। उपाय के तौर पर भगवान गणेश की सेवा करें, उन्हें हरे रंग का भोग लगाएं, हरे वस्त्र दान करें और गरीबों की मदद करें।
मीन राशि:
मीन राशि के जातकों के लिए बुध का मार्गी होना चुनौतीपूर्ण समय लेकर आ सकता है। इस दौरान व्यापार में नुकसान और आर्थिक तंगी की संभावना है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें क्योंकि दुर्घटना की आशंका भी हो सकती है। उपाय के तौर पर गणेश भगवान के मंत्रों का जाप करें, उन्हें हरे रंग की मिठाई का भोग लगाएं और पशुओं को हरा चारा खिलाना शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज का कहना है कि इन उपायों से बुध के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है और इन राशियों के जातक कठिन परिस्थितियों में भी संतुलन बनाए रख सकते हैं। बुध की मार्गी चाल से धीरे-धीरे परिस्थितियां सामान्य होंगी, लेकिन सावधानी और उपायों को अपनाना आवश्यक है।
इस प्रकार, 21 मार्च 2026 से तुला, कुंभ और मीन राशियों के जातकों को अपने व्यवहार, निर्णय और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उचित उपाय और सतर्कता अपनाकर बुध के प्रभाव को सकारात्मक बनाया जा सकता है और आने वाले समय में राहत मिल सकती है।
