इस अवसर पर करीब 40,000 जनजातीय छात्रों ने पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नीता अंबानी का भव्य स्वागत किया। उन्हें यह सम्मान नोबेल पुरस्कार विजेता मोहन मुनासिंघे और केआईआईटी, केआईएसएस और केआईएमएस के संस्थापक अच्युत सामंत द्वारा प्रदान किया गया। अपने संबोधन में नीता अंबानी ने इस सम्मान को पूरी रिलायंस फाउंडेशन टीम को समर्पित करते हुए कहा कि यह सफल सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
सामाजिक सेवा के साथ प्रेरणा का संदेश, छात्रों में भरा आत्मविश्वास
अपने भाषण में नीता अंबानी ने अच्युत सामंत की प्रशंसा करते हुए कहा कि केआईआईटी और केआईएसएस जैसे संस्थान भारत के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने ओडिशा की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से जुड़े जीवन की भी प्रशंसा की। छात्रों के स्नेह से स्वीकार्य हुए उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा।
छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि लड़के और लड़कियों में कोई फर्क नहीं होता और दोनों के पास समान क्षमताएं होती हैं। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, मेहनत करने और ईमानदारी के रास्ते पर आगे बढ़ने का आग्रह किया। उनके शब्दों ने वहां मौजूद हजारों छात्रों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने यह भी कहा कि केआईएसएस के छात्रों को देखकर उन्हें भारत के उज्ज्वल भविष्य पर पूरा भरोसा होता है।
है कि ‘केआईएसएस ह्यूमैनिटेरियन प्रेरित’ की स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी और यह संस्थान का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार दुनिया भर में उन व्यक्तियों और संगठनों को दिया जाता है, जिन्होंने मानवता की सेवा, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस सम्मान के तहत प्रशस्ति पत्र और सोने की परत चढ़ाई ट्रॉफी प्रदान की जाती है, जो दया, उम्मीद और सेवा की भावना का प्रतीक है।
