अब तक नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही सरकार में BJP ‘बड़े भाई’ की भूमिका में आ सकती है और मुख्यमंत्री पद उसके खाते में जाने की चर्चा है। वहीं, JDU को दो उपमुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
जल्द हो सकता है सत्ता परिवर्तन
सूत्रों के अनुसार, इस सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है, जिससे राज्य की राजनीतिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल से राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना नया कार्यकाल शुरू करेंगे। इससे पहले वे मुख्यमंत्री पद और विधान परिषद की सदस्यता छोड़ सकते हैं। JDU सूत्रों का कहना है कि वे केंद्र सरकार में शामिल होने के बजाय राज्यसभा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत मंत्रालयों का बंटवारा भी तय माना जा रहा है। BJP के पास मुख्यमंत्री पद के साथ 15 मंत्री पद होंगे, जबकि JDU को दो डिप्टी CM समेत 16 मंत्री पद मिल सकते हैं। गृह मंत्रालय और विधानसभा अध्यक्ष का पद BJP के पास रहेगा, जबकि विधान परिषद के सभापति का पद JDU को दिए जाने की संभावना है।
निशांत कुमार की एंट्री
इस राजनीतिक बदलाव में निशांत कुमार की एंट्री भी अहम मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि दूसरे डिप्टी CM के रूप में JDU के किसी वरिष्ठ नेता को जिम्मेदारी दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे और पार्टी संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने पर फोकस करेंगे। सहयोगी दलों के लिए भी पुराना फॉर्मूला जारी रहने की संभावना है, जिसमें लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो मंत्री पद, जबकि अन्य सहयोगियों को एक-एक पद मिल सकता है।
नीतीश का सम्राट चौधरी की ओर इशारा
इसी बीच, हाल ही में जमुई और सहारसा में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे बिहार को आगे बढ़ाएंगे। इसके बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं कि सम्राट चौधरी को भविष्य के मुख्यमंत्री के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, JDU की ओर से इन अटकलों को खारिज किया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने साफ कहा कि नीतीश कुमार ने किसी को अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया है। इसके बावजूद बिहार की राजनीति में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं लगातार तेज बनी हुई हैं।
