पिछले साल पंजाब किंग्स ने मेगा ऑक्शन में उन्हें अपनी टीम में शामिल किया और कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी। अय्यर ने भी इस भरोसे पर खरा उतरते हुए टीम को शानदार प्रदर्शन के दम पर फाइनल तक पहुंचाया। उनके नेतृत्व और मैदान पर फैसले लेने की क्षमता ने फैंस को प्रभावित किया और धीरे धीरे उन्हें सरपंच कहकर पुकारा जाने लगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अय्यर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें इस शब्द का सही मतलब भी नहीं पता था। उन्होंने टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह से पूछा कि सरपंच का क्या मतलब होता है और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है। तब उन्हें समझाया गया कि सरपंच किसी गांव या समुदाय का प्रमुख होता है जो नेतृत्व करता है और लोगों की जिम्मेदारी संभालता है।
यह बात सुनकर अय्यर को एहसास हुआ कि यह नाम उनकी कप्तानी शैली से मेल खाता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में यह नाम उन्हें खास पसंद नहीं आया था लेकिन समय के साथ जब फैंस ने उन्हें इसी नाम से पुकारना शुरू किया तो यह उनकी पहचान बन गया। अब जब भी वह कहीं जाते हैं या लोगों से मिलते हैं तो उन्हें सरपंच कहकर ही बुलाया जाता है।
अय्यर के मुताबिक यह नाम उन्हें अच्छा महसूस कराता है और उन्हें प्रेरित भी करता है लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज टीम की जीत है। उनका कहना है कि मैदान पर उतरते समय किसी भी खिलाड़ी या कप्तान का एक ही लक्ष्य होना चाहिए और वह है मैच जीतना। नाम और पहचान बाद में आती है लेकिन प्रदर्शन सबसे ऊपर होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस नाम के साथ फैंस की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं और वह इन उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्हें चुनौतियां पसंद हैं और वह हर चुनौती को स्वीकार करते हैं। उनका मानना है कि किसी भी बड़ी उपलब्धि के लिए एक मजबूत टीम का होना जरूरी है और पंजाब किंग्स के पास वह क्षमता मौजूद है।
पंजाब किंग्स की टीम अब तक दो बार आईपीएल फाइनल तक पहुंच चुकी है लेकिन खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाई है। पिछले सीजन में भी टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया था लेकिन ट्रॉफी जीतने से चूक गई। ऐसे में इस बार टीम अपने अधूरे सपने को पूरा करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
अब सभी की नजरें श्रेयस अय्यर पर टिकी हैं कि वह अपनी कप्तानी में टीम को पहली बार चैंपियन बना पाते हैं या नहीं। सरपंच का यह टैग उनके साथ मजबूती से जुड़ चुका है और फैंस को उम्मीद है कि वह इस नाम को जीत के साथ और भी खास बना देंगे।
