जी7 देशों के विदेश मंत्रियों ने यूरोपीय संघ के हाई रिप्रेजेंटेटिव के साथ संयुक्त बयान में कहा कि वे ईरान और उसके प्रॉक्सी के हमलों के खिलाफ अपने साझेदारों का समर्थन करते हैं। बयान में उल्लेख किया गया कि बहरीन कुवैत ओमान कतर सऊदी अरब संयुक्त अरब अमीरात जॉर्डन और इराक में आम नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए हमलों की निंदा करते हैं जिसमें ऊर्जा सुविधाएं भी शामिल हैं।
समूह ने चेतावनी दी कि ईरानी गतिविधियां क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने तेहरान से अपील की कि अपनी सैन्य गतिविधियों को तुरंत रोकें। जी7 ने खासकर होर्मुज स्ट्रेट और उससे जुड़े महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में सुरक्षा सुनिश्चित करने की अहमियत पर जोर दिया।
बयान में कहा गया कि वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा मार्केट की स्थिरता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। जी7 ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के सदस्यों द्वारा 11 मार्च को किए गए स्टॉक रिलीज फैसले का हवाला देते हुए ग्लोबल ऊर्जा सप्लाई की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई।
इसके अलावा समूह ने दोहराया कि ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार हासिल नहीं करने चाहिए। उन्होंने ईरान से बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रोकने अस्थिर गतिविधियों को खत्म करने और अपने ही नागरिकों के खिलाफ हिंसा बंद करने की अपील की।
जी7 ने प्रभावित देशों के हमलों से खुद की रक्षा करने के अधिकार का समर्थन करते हुए कहा कि ये देश अपने नागरिकों और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए उचित कदम उठा सकते हैं। समूह ने इराक में ईरान और उसकी मिलिशिया द्वारा डिप्लोमैटिक सुविधाओं और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की भी निंदा की खासकर अमेरिका और काउंटर आईएसआईएस कोएलिशन फोर्स के खिलाफ। बयान में निष्कर्ष निकाला गया कि जी7 क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और आवश्यक क़दम उठाने के लिए तैयार हैं।
