300 लोग गिरफ्तार
पुलिस जांच में इस पूरे घटनाक्रम के पीछे साजिश के संकेत मिले हैं। अब तक करीब 300 लोगों को प्रिवेंटिव कार्रवाई में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वहीं 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं और साइबर टीम 7 व्हाट्सएप ग्रुप्स की जांच कर रही है, जिन पर माहौल भड़काने का शक है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार लोगों में कई बाहरी तत्व शामिल हैं, जो श्रमिकों के बीच घुसकर प्रदर्शन को उग्र बनाने की कोशिश कर रहे थे।
नोएडा पुलिस कमिश्नर का बयान
नोएडा पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक जानकारी ने भी हालात बिगाड़े। दो सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। एक फर्जी दावे में पुलिस फायरिंग में 14 लोगों की मौत की बात कही गई थी, जिसे पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया।
अतिरिक्त बल तैनात
स्थिति को देखते हुए नोएडा पुलिस के सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी है और लगातार फ्लैग मार्च व चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार 83 स्थानों पर करीब 42 हजार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया, जबकि 78 स्थानों पर लोगों को समझाकर शांत कराया गया। श्रमिकों की पांच मांगों में से चार को मान लिया गया है और बाकी मुद्दों पर सरकार ने हाई लेवल कमेटी बनाई है।
क्या बोले मुख्यमंत्री आदित्यनाथ?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की और श्रमिकों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जांच में हुआ ये खुलासा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ संदिग्ध संगठनों और बाहरी तत्वों ने प्रदर्शन को हाईजैक कर हिंसा को बढ़ावा दिया। करीब 150 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस बीच सेक्टर-63 और अन्य इलाकों में फिर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर स्थिति संभाल ली। कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। घटना के दौरान एक आईटी कंपनी में तोड़फोड़ और कर्मचारियों के साथ अभद्रता का मामला भी सामने आया, जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वहीं एक स्कूल बस भी पथराव की चपेट में आ गई, जिसके बाद बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
उद्योग जगत की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। मदरसन ग्रुप ने बयान जारी कर कहा कि यह विवाद वेतन से जुड़ी गलत सूचनाओं के कारण उत्पन्न हुआ है और कंपनी का संचालन सामान्य है। बुलंदशहर और गाजियाबाद में भी मजदूरों ने वेतन वृद्धि, PF-ESI और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर सड़क जाम से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि हिंसा फैलाने, अफवाह फैलाने और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
