FIR के बाद मोबाइल बंद कर हुआ फरार, पुलिस तलाश में जुटी
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा अचानक मोबाइल बंद कर फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश जारी है और कई संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
ट्रांसफर और रिलीविंग को लेकर भी उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, डीजीपी के आदेश पर सोमवार सुबह आरोपी इंस्पेक्टर का पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा से पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद उन्हें रिलीव भी कर दिया गया। हालांकि हैरानी की बात यह है कि पुलिस अभी भी उन्हें फरार मानकर तलाश कर रही है और यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने पीएचक्यू में जॉइन किया या नहीं।
भितरवार और शिवपुरी में पुलिस की दबिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा भितरवार के श्रीराम कॉलोनी के निवासी हैं, जबकि उनकी ससुराल शिवपुरी में है। इसी आधार पर झांसी रोड थाना पुलिस की दो टीमें भितरवार और शिवपुरी भेजी गईं, जहां दबिश दी गई, लेकिन आरोपी का कोई पता नहीं चल सका।
पीड़िता का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता का ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद धारा 164 के तहत कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने FIR में दिए गए अपने आरोपों को दोहराया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया से शुरू हुई पहचान और रिश्ते में बदल गई कहानी
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता एक फैशन डिजाइनर हैं, जिनके पति का 2018 में निधन हो चुका है और उनका एक 9 साल का बच्चा है। वर्ष 2024 में फेसबुक के जरिए उनकी पहचान इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा से हुई थी। शुरुआत में बातचीत दोस्ती में बदली और फिर नजदीकियां बढ़ गईं।
शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अपनी शादीशुदा स्थिति छुपाकर उससे शादी का वादा किया और 16 अगस्त 2024 को बुटीक में आकर जबरन संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार संपर्क में रहा और शादी का आश्वासन देता रहा। बाद में जब सच्चाई सामने आई तो उसने महिला को धमकाना शुरू कर दिया।
9 महीने की गर्भवती पीड़िता, राजनीतिक दबाव के भी आरोप
पीड़िता वर्तमान में 9 महीने की गर्भवती बताई जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वह एक भाजपा नेत्री की करीबी हैं, जिससे मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ रही है।
पुलिस जांच जारी, गिरफ्तारी पर सबकी नजर
फिलहाल पुलिस आरोपी इंस्पेक्टर की तलाश में लगातार जुटी हुई है और कई जगहों पर दबिश दी जा रही है। वहीं, मामला पुलिस विभाग के भीतर ही आरोपी होने के कारण और भी संवेदनशील हो गया है।
