मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने जीवनभर शिक्षा समानता और अधिकारों के आधार पर एक सशक्त और समतामूलक भारत की नींव रखी। उनके विचार आज भी देश के विकास और सामाजिक उत्थान की दिशा में मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था बल्कि उन्होंने समाज के वंचित शोषित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए संघर्ष को जीवन का उद्देश्य बनाया।
सीएम यादव ने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आए। उनके प्रयासों ने देश में एक ऐसी व्यवस्था की नींव रखी जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और अवसर मिल सकें।
इस अवसर पर प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें श्रद्धांजलि सभाएं, विचार गोष्ठियां और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे। लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर बाबा साहेब के विचारों को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार बाबा साहेब के सिद्धांतों और उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समता न्याय और अधिकार आधारित समाज की स्थापना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस प्रकार अंबेडकर जयंती का यह अवसर न केवल श्रद्धांजलि का दिन रहा बल्कि सामाजिक एकता और समानता के संदेश को मजबूत करने का भी प्रतीक बना।
