इस अभियान के तहत रिकॉर्ड संख्या में ऑनलाइन पंजीकरण हुए, जिसने शुरुआती लक्ष्य को काफी पीछे छोड़ दिया। योजना के तहत लगभग पांच लाख प्रतिभागियों का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन लोगों की व्यापक भागीदारी के चलते यह संख्या बढ़कर सात लाख से अधिक पहुंच गई। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल कौशल के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
इस उपलब्धि को औपचारिक मान्यता मिलने के बाद आयोजित कार्यक्रम में इसे प्रमाणित किया गया और इस दौरान विभिन्न संस्थागत प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी देखी गई। शैक्षणिक संस्थानों और तकनीकी संगठनों के सहयोग से इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर सफल बनाया गया, जिससे यह अभियान एक सामूहिक प्रयास का उदाहरण बन गया।
यह कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक आधुनिक तकनीक की जानकारी पहुंचाना है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूलभूत समझ, साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। बदलते समय में इन कौशलों को रोजगार और तकनीकी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।
इसके साथ ही गोरखपुर में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष केंद्र की शुरुआत भी की गई है। इस केंद्र का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीकों और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
इस पूरी पहल को केवल एक रिकॉर्ड के रूप में नहीं बल्कि डिजिटल इंडिया और तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
