पीसी शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण को जिस तरीके से लागू किया जा रहा है वह सही प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। उनके मुताबिक पहले जनगणना होनी चाहिए उसके बाद परिसीमन और फिर आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में जो कुछ किया जा रहा है वह नारी सम्मान के नाम पर केवल दिखावा है
तबादला नीति को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में एक बार फिर तबादला उद्योग शुरू होने वाला है। उनके अनुसार ट्रांसफर प्रक्रिया में पैसों का लेनदेन बढ़ेगा और इसका सीधा असर प्रशासनिक पारदर्शिता पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस व्यवस्था का उपयोग अपने हितों के लिए करती है।
कानून व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए। हाल ही में सामने आए एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता से जुड़े लोगों में कानून का डर खत्म हो गया है। उनका आरोप था कि अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है और दोषियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है जिससे आम जनता में असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
मंदिर प्रबंधन को लेकर भी पीसी शर्मा ने सुझाव दिया कि सरकार को मंदिरों की व्यवस्था सुधारनी है तो सरकारी जमीन मंदिरों के नाम की जानी चाहिए और जो जमीनों पर कब्जा है उसे वापस दिलाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर धार्मिक शिक्षा से जुड़े कोर्स शुरू किए जाते हैं तो सभी धर्मों के लिए समान रूप से प्रबंधन पाठ्यक्रम चलाए जाने चाहिए।
शिक्षकों के आंदोलन पर समर्थन जताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षकों के साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां ऐसी हैं जिससे पद खाली कर अपने लोगों को अवसर दिया जा सके। कुल मिलाकर कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरते हुए इसे जनहित के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए उठाए गए कदम बताया है।
