बीड़ी जलाते वक्त हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, काशीराम मंगलवार शाम सोकर उठने के बाद घर के बाहर बने मंदिर पर बैठकर बीड़ी पी रहे थे। जैसे ही उन्होंने लाइटर से बीड़ी जलाई, अचानक एक चिंगारी उनके कपड़ों पर आ गिरी। देखते ही देखते आग भड़क उठी और कुछ ही पलों में उनके कपड़े जलने लगे।
चीख सुन दौड़े लोग, लेकिन नहीं बच सके
बुजुर्ग की चीख सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने कंबल और पानी की मदद से आग बुझाने की कोशिश की और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
कुछ ही मिनटों में बेकाबू हुई आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में आग सिर्फ चेहरे के आसपास थी, लेकिन तेजी से फैलते हुए पूरे शरीर को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक लोग मदद के लिए पहुंचे, तब तक स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की सूचना मिलते ही माधौगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा बीड़ी जलाते समय चिंगारी गिरने से हुआ प्रतीत होता है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
सावधानी ही बचाव
यह घटना एक बड़ा संदेश देती है कि आग से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। खासकर बुजुर्गों को बीड़ी, सिगरेट या आग से जुड़े काम करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
