नई दिल्ली । भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में दोनों देशों के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की इस बैठक में रक्षा उत्पादन उन्नत तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को लेकर गंभीर और सकारात्मक विचार विमर्श हुआ जो आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है
बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत और जर्मनी के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं उन्होंने जर्मन कंपनियों को भारत में तेजी से विकसित हो रहे रक्षा क्षेत्र का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया और विशेष रूप से टेक्नोलॉजी के सह विकास और सह उत्पादन पर जोर दिया उनका मानना है कि इस तरह की साझेदारी न केवल भारत की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगी बल्कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता और सुरक्षा को भी बढ़ावा देगी
इस अवसर पर जर्मन उद्योग जगत ने भी भारत की नई रक्षा औद्योगिक नीतियों और सुधारों की सराहना की उन्होंने भारत में निवेश के अनुकूल माहौल और पारदर्शी प्रक्रियाओं को सकारात्मक बताया यह संकेत है कि आने वाले समय में जर्मन कंपनियां भारत के रक्षा क्षेत्र में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं जिससे दोनों देशों को तकनीकी और आर्थिक लाभ मिलेगा
राजनाथ सिंह की यह यात्रा केवल उद्योग प्रतिनिधियों तक सीमित नहीं रही बल्कि उन्होंने जर्मनी के रक्षा मंत्री Boris Pistorius के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की इस दौरान दोनों देशों के बीच डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप पर हस्ताक्षर किए गए यह समझौता रक्षा उत्पादन तकनीकी नवाचार और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में एक नई दिशा तय करेगा इस रोडमैप के जरिए दोनों देश मिलकर आधुनिक रक्षा प्रणालियों के विकास और निर्माण में सहयोग बढ़ाएंगे
यह पूरी यात्रा भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह विश्वसनीय साझेदारों के साथ मिलकर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार को आगे बढ़ाना चाहता है भारत पहले ही मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों के जरिए रक्षा उत्पादन को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और जर्मनी जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देश के साथ सहयोग इस प्रयास को और गति देगा
अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने जर्मनी में रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की और उन्हें भारत और जर्मनी के बीच एक जीवंत सेतु बताया उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उनकी भागीदारी से यह संबंध और भी गहरे होंगे
रक्षा मंत्री ने इस दौरान भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था मजबूत होते बुनियादी ढांचे और उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर एक मजबूत और विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभर रहा है और आने वाले समय में रक्षा क्षेत्र में उसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी कुल मिलाकर यह बैठक और दौरा भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊर्जा देने वाला साबित हो सकता है जहां तकनीकी साझेदारी और संयुक्त उत्पादन के जरिए दोनों देश न केवल अपनी सुरक्षा को मजबूत करेंगे बल्कि वैश्विक शांति और संतुलन में भी अहम योगदान देंगे
