नई दिल्ली । व्हाट्सएप स्टेटस बना ‘अलर्ट’, पुलिस ने बचाईं दो जानें: उज्जैन में पति-पत्नी ने फांसी की कोशिश की
मध्य प्रदेश के Ujjain जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां पारिवारिक विवाद से परेशान पति-पत्नी ने आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, समय रहते पुलिस की सतर्कता और तेजी से कार्रवाई ने दोनों की जान बचा ली।
मध्य प्रदेश के Ujjain जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां पारिवारिक विवाद से परेशान पति-पत्नी ने आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, समय रहते पुलिस की सतर्कता और तेजी से कार्रवाई ने दोनों की जान बचा ली।
स्टेटस में लिखा दर्द, 12 लोगों का किया जिक्र
जानकारी के मुताबिक, घट्टिया थाना क्षेत्र के नजरपुर गांव में रहने वाले दंपती लंबे समय से पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया। आत्महत्या से पहले युवक ने WhatsApp पर स्टेटस लगाकर अपनी परेशानी जाहिर की, जिसमें मां-बाप समेत 12 लोगों के नाम का जिक्र किया गया था। यही स्टेटस पुलिस के लिए अलर्ट साबित हुआ और वक्त रहते पूरी घटना की जानकारी मिल गई।
जानकारी के मुताबिक, घट्टिया थाना क्षेत्र के नजरपुर गांव में रहने वाले दंपती लंबे समय से पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया। आत्महत्या से पहले युवक ने WhatsApp पर स्टेटस लगाकर अपनी परेशानी जाहिर की, जिसमें मां-बाप समेत 12 लोगों के नाम का जिक्र किया गया था। यही स्टेटस पुलिस के लिए अलर्ट साबित हुआ और वक्त रहते पूरी घटना की जानकारी मिल गई।
स्टेटस देखते ही हरकत में आई पुलिस टीम
थाना प्रभारी Karan Khowal को जैसे ही स्टेटस की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत पुलिस टीम को मौके पर रवाना किया। जब पुलिस दंपती के घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांककर देखा गया कि दोनों फंदे पर लटके हुए थे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की।
थाना प्रभारी Karan Khowal को जैसे ही स्टेटस की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत पुलिस टीम को मौके पर रवाना किया। जब पुलिस दंपती के घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांककर देखा गया कि दोनों फंदे पर लटके हुए थे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की।
दरवाजा तोड़कर उतारा फंदे से, अस्पताल में भर्ती
थाना प्रभारी ने बाहर से बातचीत कर दंपती का ध्यान भटकाया और इसी दौरान टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिसकर्मियों ने तुरंत दोनों को फंदे से नीचे उतारा। उस वक्त उनकी सांसें चल रही थीं। इसके बाद उन्हें तुरंत शासकीय अस्पताल घट्टिया ले जाया गया, जहां इलाज के बाद दोनों की हालत स्थिर बताई गई और अब वे खतरे से बाहर हैं।
थाना प्रभारी ने बाहर से बातचीत कर दंपती का ध्यान भटकाया और इसी दौरान टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिसकर्मियों ने तुरंत दोनों को फंदे से नीचे उतारा। उस वक्त उनकी सांसें चल रही थीं। इसके बाद उन्हें तुरंत शासकीय अस्पताल घट्टिया ले जाया गया, जहां इलाज के बाद दोनों की हालत स्थिर बताई गई और अब वे खतरे से बाहर हैं।
पारिवारिक विवाद बना वजह, पिता से था टकराव
होश में आने के बाद दंपती ने पुलिस को बताया कि वे लंबे समय से पारिवारिक विवाद और पिता की प्रताड़ना से परेशान थे। जांच में सामने आया कि युवक की दूसरी शादी को लेकर उसके पिता नाराज थे और उसे घर से बेदखल कर दिया था।
अपने अधिकार को लेकर कई बार बातचीत के बावजूद विवाद सुलझ नहीं पाया, जिससे युवक मानसिक तनाव में रहने लगा।
परिवारिक स्थिति भी जटिल पुलिस के अनुसार, युवक की पहली पत्नी से दो बच्चे हैं, जबकि दूसरी पत्नी (रीना) से उसकी कोई संतान नहीं है। इस पारिवारिक जटिलता ने तनाव को और बढ़ा दिया था।
होश में आने के बाद दंपती ने पुलिस को बताया कि वे लंबे समय से पारिवारिक विवाद और पिता की प्रताड़ना से परेशान थे। जांच में सामने आया कि युवक की दूसरी शादी को लेकर उसके पिता नाराज थे और उसे घर से बेदखल कर दिया था।
अपने अधिकार को लेकर कई बार बातचीत के बावजूद विवाद सुलझ नहीं पाया, जिससे युवक मानसिक तनाव में रहने लगा।
परिवारिक स्थिति भी जटिल पुलिस के अनुसार, युवक की पहली पत्नी से दो बच्चे हैं, जबकि दूसरी पत्नी (रीना) से उसकी कोई संतान नहीं है। इस पारिवारिक जटिलता ने तनाव को और बढ़ा दिया था।
पुलिस की सूझबूझ से टली बड़ी घटना
पूरे घटनाक्रम में Karan Khowal सहित पुलिस टीम की तत्परता सराहनीय रही। उपनिरीक्षक अलकेश डांगे और प्रधान आरक्षक राजेंद्र राठौर ने भी बचाव अभियान में अहम भूमिका निभाई।पुलिस ने दंपती को समझाइश देते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है और पारिवारिक विवाद के हर पहलू की जांच की जा रही है।
पूरे घटनाक्रम में Karan Khowal सहित पुलिस टीम की तत्परता सराहनीय रही। उपनिरीक्षक अलकेश डांगे और प्रधान आरक्षक राजेंद्र राठौर ने भी बचाव अभियान में अहम भूमिका निभाई।पुलिस ने दंपती को समझाइश देते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है और पारिवारिक विवाद के हर पहलू की जांच की जा रही है।
