नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के Jabalpur में दिल दहला देने वाले बरगी नहर हादसे में डूबी तीन बहनों में से तीसरी युवती का शव भी बरामद कर लिया गया है। गुरुवार रात करीब 11 बजे 23 वर्षीय शीतल पटेल का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला। इससे पहले सानिया पटेल (14) और सृष्टि पटेल (17) के शव हादसे के कुछ घंटों बाद ही मिल गए थे। तीनों का शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया गया और आज शहर के अलग-अलग शमशान घाटों पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रिश्ते में बहनें, एक ही हादसे में बुझ गए तीन घरों के चिराग
बरगी थाना क्षेत्र के सालीवाड़ा गांव में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। तीनों लड़कियां मामा-बुआ के रिश्ते से बहनें थीं और एक पारिवारिक शादी में शामिल होने आई थीं। अचानक हुए इस हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया।
बरगी थाना क्षेत्र के सालीवाड़ा गांव में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। तीनों लड़कियां मामा-बुआ के रिश्ते से बहनें थीं और एक पारिवारिक शादी में शामिल होने आई थीं। अचानक हुए इस हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया।
रील बनाते समय फिसला पैर, तेज बहाव में बह गईं
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पांच लड़कियां नहर पर नहाने और वीडियो (रील) बनाने गई थीं। बताया जा रहा है कि सृष्टि नहर में थी, जबकि बाकी लड़कियां किनारे पर मोबाइल से वीडियो बना रही थीं। तभी पैर फिसलने से चार लड़कियां तेज बहाव में बह गईं।
मौके पर मौजूद एक सहेली ने हिम्मत दिखाते हुए एक लड़की को बचा लिया, लेकिन बाकी तीनों तेज धारा में दूर तक बह गईं। स्थानीय लोगों ने बचाने की कोशिश की, पर पानी का बहाव इतना तेज था कि वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन चलाकर तीनों के शव बरामद किए।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पांच लड़कियां नहर पर नहाने और वीडियो (रील) बनाने गई थीं। बताया जा रहा है कि सृष्टि नहर में थी, जबकि बाकी लड़कियां किनारे पर मोबाइल से वीडियो बना रही थीं। तभी पैर फिसलने से चार लड़कियां तेज बहाव में बह गईं।
मौके पर मौजूद एक सहेली ने हिम्मत दिखाते हुए एक लड़की को बचा लिया, लेकिन बाकी तीनों तेज धारा में दूर तक बह गईं। स्थानीय लोगों ने बचाने की कोशिश की, पर पानी का बहाव इतना तेज था कि वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन चलाकर तीनों के शव बरामद किए।
अधूरे रह गए सपने: कोई बनने वाली थी फार्मासिस्ट, कोई डॉक्टर
इस हादसे में सिर्फ जानें ही नहीं गईं, बल्कि कई सपने भी टूट गए। शीतल पटेल ने फार्मेसी की पढ़ाई पूरी कर ली थी और चार महीने बाद उसकी शादी Bhopal में तय थी। वहीं सृष्टि पटेल ने 12वीं अच्छे अंकों से पास की थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी।
सानिया अभी पढ़ाई कर रही थी और परिवार की उम्मीदों का हिस्सा थी। तीनों बेटियों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस हादसे में सिर्फ जानें ही नहीं गईं, बल्कि कई सपने भी टूट गए। शीतल पटेल ने फार्मेसी की पढ़ाई पूरी कर ली थी और चार महीने बाद उसकी शादी Bhopal में तय थी। वहीं सृष्टि पटेल ने 12वीं अच्छे अंकों से पास की थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी।
सानिया अभी पढ़ाई कर रही थी और परिवार की उम्मीदों का हिस्सा थी। तीनों बेटियों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
मर्चुरी के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर किसी की आंखें नम हैं और गांव में शोक का माहौल है। शादी में शामिल होने आईं बेटियां अब हमेशा के लिए खामोश हो गईं।
मर्चुरी के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर किसी की आंखें नम हैं और गांव में शोक का माहौल है। शादी में शामिल होने आईं बेटियां अब हमेशा के लिए खामोश हो गईं।
नहर किनारे सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर नहरों और जलाशयों के किनारे सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरगी नहर पर अक्सर लोग नहाने और घूमने आते हैं, लेकिन यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
इस हादसे के बाद एक बार फिर नहरों और जलाशयों के किनारे सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरगी नहर पर अक्सर लोग नहाने और घूमने आते हैं, लेकिन यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
