प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संस्था सहकारी संघवाद को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने यानी ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीति आयोग आज एक ऐसे मंच के रूप में उभर चुका है जहां नवाचार, दीर्घकालिक सोच और प्रभावी रणनीति पर काम किया जाता है।
हाल ही में सरकार द्वारा नीति आयोग का पुनर्गठन किया गया, जिसके बाद इसके नए नेतृत्व को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। प्रधानमंत्री ने नए उपाध्यक्ष और अन्य पूर्णकालिक सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे अपने कार्यकाल में प्रभावशाली और परिणाम देने वाला कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यह टीम देश की नीति निर्माण प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने में योगदान देगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि नीति आयोग का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने में भी सहायता करना है। यह संस्था केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत बनाकर विकास को संतुलित दिशा देने का कार्य कर रही है।
इस अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से नए उपाध्यक्ष के अनुभव की सराहना की। अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में नीति आयोग की भूमिका और अधिक प्रभावी होगी। सरकार का मानना है कि ऐसे अनुभवी विशेषज्ञों की भागीदारी से नीतियों की गुणवत्ता और कार्यान्वयन क्षमता दोनों में सुधार होगा।
नीति आयोग देश के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए काम करता है। यह केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों को भी अपनी कार्ययोजना में शामिल करता है। इसका उद्देश्य भारत को एक समग्र विकास मॉडल की ओर ले जाना है, जहां हर क्षेत्र को समान अवसर मिल सके।
वर्तमान समय में जब भारत तेजी से आर्थिक और सामाजिक बदलावों से गुजर रहा है, नीति आयोग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह संस्था सरकार को नीतिगत सुझाव देने के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के विकास मॉडल का विश्लेषण कर बेहतर समाधान प्रस्तुत करने का काम करती है।
प्रधानमंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि सरकार नीति आयोग को भविष्य की विकास रणनीति के केंद्र में देख रही है। आने वाले समय में यह संस्था देश के विकास एजेंडे को दिशा देने में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है, जिससे भारत के ‘विकसित राष्ट्र’ बनने के लक्ष्य को गति मिलेगी।
