घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को सतनवाड़ा नरवर मार्ग पर करीब 5 घंटे तक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा जहां पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह भी पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
जानकारी के अनुसार घटना वाले दिन बाघिन MT-6 की लोकेशन भी उसी क्षेत्र में पाई गई थी जहां शव मिला था। पार्क प्रबंधन के अनुसार उसके कॉलर आईडी से उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमले की वास्तविक स्थिति क्या थी।
एरावन गांव माधव टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित है जहां जंगल से घिरे होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य मानी जाती है। लेकिन अब ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन की लगातार मौजूदगी से उनकी जान को खतरा बढ़ गया है क्योंकि लोग अभी भी नदी और जंगल क्षेत्र में बेधड़क जाते हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि या तो बाघिन MT-6 को यहां से स्थानांतरित किया जाए या फिर गांव को सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए। उनका कहना है कि यदि बाघिन के व्यवहार को आदमखोर माना जाता है तो उसे आबादी के पास नहीं रखा जा सकता।
वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया लेकिन ग्रामीणों को ठोस सुरक्षा आश्वासन नहीं दिया जा सका। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होने की बात कही है।
विधायक कैलाश कुशवाह ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वन विभाग को इस मामले में तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने मृतक के परिजनों को जल्द मुआवजा देने की भी मांग की है। फिलहाल एरावन और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
