ब्रैथवेट ने उदाहरण देते हुए ब्रायन लारा का नाम लिया और कहा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट ने लारा को बहुत सोच-समझकर तैयार किया था। उन्हें शुरुआत में सीधे अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं डाला गया, बल्कि सीनियर खिलाड़ियों के साथ अभ्यास और सीखने का मौका दिया गया, जिससे उनका खेल और मजबूत हुआ।
उन्होंने सुझाव दिया कि वैभव सूर्यवंशी को भी इसी तरह धीरे-धीरे तैयार किया जाना चाहिए। उन्हें भारतीय क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ियों जैसे विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ समय बिताने और सीखने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे खेल की बारीकियों को बेहतर समझ सकें।
वैभव सूर्यवंशी ने हाल के समय में अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। कम उम्र में ही उन्होंने बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहचान बनाई है। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और निडर खेल शैली ने उन्हें चर्चा में ला दिया है।
आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें भविष्य का बड़ा खिलाड़ी माना जाने लगा है। कई मौकों पर उन्होंने कम गेंदों में तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है।
हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतारना सही नहीं होगा। सही मार्गदर्शन और धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की प्रक्रिया उनके करियर को और मजबूत बना सकती है और वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।
