नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान पर अनिश्चितताओं का दौर हमेशा बना रहता है, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स ने सोमवार को जो कर दिखाया, उसने प्रशंसकों को हतप्रभ कर दिया है। शनिवार को जिस टीम ने विपक्षी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए 264 रनों का पहाड़ खड़ा किया था, वही टीम मात्र 48 घंटे के भीतर ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ आईपीएल इतिहास का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। टीम महज 75 रनों पर सिमट गई, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाला प्रदर्शन पावरप्ले के दौरान रहा। दिल्ली की टीम शुरुआती 6 ओवरों के भीतर केवल 13 रन बना सकी और इस दौरान उसने अपने 6 प्रमुख बल्लेबाजों को गंवा दिया, जो कि टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक का सबसे खराब पावरप्ले प्रदर्शन है।
मैच की शुरुआत से ही दिल्ली के बल्लेबाजों में आत्मविश्वास की भारी कमी दिखी और बेंगलुरु के गेंदबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया। भुवनेश्वर कुमार की स्विंग और सटीक गेंदबाजी के आगे दिल्ली का शीर्ष क्रम पूरी तरह बेबस नजर आया। पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर विकेट गिरने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह थमने का नाम ही नहीं ले रहा था।
आलम यह था कि महज 8 रन के स्कोर तक दिल्ली कैपिटल्स के आधे से ज्यादा बल्लेबाज पवेलियन वापस लौट चुके थे। केएल राहुल, समीर रिज्वी, ट्रिस्टन स्टब्स और अक्षर पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी क्रीज पर टिकने का साहस नहीं जुटा पाए। पावरप्ले में 13 रन पर 6 विकेट का यह स्कोर अब राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के उन पुराने रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ चुका है, जहां टीमें 14 रन बनाकर संघर्ष कर रही थीं।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार न केवल तकनीकी रूप से एक झटका है, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी यह टीम को झकझोर देने वाली घटना है। एक मैच में रनों का अंबार लगाने वाली टीम का अगले ही मैच में 100 रन के आंकड़े तक न पहुंच पाना खेल की अनिश्चितता और टीम के अस्थिर प्रदर्शन को उजागर करता है।
बेंगलुरु के कप्तान के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को उनके गेंदबाजों ने बिल्कुल सही साबित कर दिखाया। पूरी पारी के दौरान दिल्ली का कोई भी बल्लेबाज पिच के मिजाज को नहीं समझ सका और गलत शॉट चयन की वजह से विकेट गंवाते चले गए। अब यह टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का सबसे बड़ा कारण है कि कैसे एक ही सीजन में टीम का प्रदर्शन इतनी बुरी तरह अर्श से फर्श पर आ गया।
