नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी के बीच अब आंधी, बारिश और ओलों का दौर जारी है, जो अगले चार दिनों तक बना रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने सोमवार को प्रदेश के 34 जिलों में आंधी-बारिश और 6 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में ओलावृष्टि का खतरा
आज भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और रीवा जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आज भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और रीवा जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कई शहरों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट
राजधानी भोपाल समेत रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, मुरैना, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, सतना, सिंगरौली, शहडोल, सागर, पन्ना और दमोह सहित कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आंधी की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और फसलों को नुकसान का खतरा है।
राजधानी भोपाल समेत रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, मुरैना, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, सतना, सिंगरौली, शहडोल, सागर, पन्ना और दमोह सहित कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आंधी की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और फसलों को नुकसान का खतरा है।
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसी वजह से तेज हवाएं, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिर रहे हैं। यह सिस्टम 7 मई तक सक्रिय रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसी वजह से तेज हवाएं, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिर रहे हैं। यह सिस्टम 7 मई तक सक्रिय रह सकता है।
इंदौर-उज्जैन में गर्मी कायम
जहां एक ओर कई जिलों में बारिश राहत दे रही है, वहीं इंदौर और उज्जैन में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। हालांकि, यहां भी मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
जहां एक ओर कई जिलों में बारिश राहत दे रही है, वहीं इंदौर और उज्जैन में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। हालांकि, यहां भी मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
बदला मई का ट्रेंड
आमतौर पर मई का महीना मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार शुरुआत ही आंधी और बारिश से हुई है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल और इंदौर में मई के दौरान गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी देखा गया है।
आमतौर पर मई का महीना मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार शुरुआत ही आंधी और बारिश से हुई है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल और इंदौर में मई के दौरान गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी देखा गया है।
हाल की घटनाएं बढ़ा रहीं चिंता
हाल ही में तेज आंधी के चलते बरगी डैम में एक क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं बैतूल में 85 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी दर्ज की गई, जो खतरे का संकेत है।
हाल ही में तेज आंधी के चलते बरगी डैम में एक क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं बैतूल में 85 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी दर्ज की गई, जो खतरे का संकेत है।
प्रदेश में फिलहाल मौसम का मिजाज अस्थिर बना हुआ है। अगले चार दिन तक आंधी, बारिश और ओलों का असर जारी रहेगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
